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मोतिहारी मुठभेड़: पुलिस को दी थी ‘लाशें बिछाने’ की धमकी, STF ने दो अपराधियों को मार गिराया; एक जवान शहीद

मोतिहारी। बिहार के पूर्वी चंपारण जिले से आज सुबह एक दहला देने वाली खबर सामने आई है। चकिया थाना क्षेत्र के रामडीहा गांव में मंगलवार की तड़के पुलिस और अपराधियों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में दो कुख्यात अपराधी मारे गए हैं। हालांकि, इस जांबाज कार्रवाई में बिहार एसटीएफ (STF) का एक बहादुर जवान भी देश के लिए बलिदान हो गया। अपराधियों ने मुठभेड़ से पहले पुलिस को खुलेआम चुनौती देते हुए खून की नदियां बहाने की धमकी दी थी।

नेपाल से कॉल कर दी थी ‘नरसंहार’ की धमकी

​मुठभेड़ की पटकथा तब शुरू हुई जब कुख्यात अपराधी कुंदन ठाकुर ने नेपाल के एक वर्चुअल नंबर से चकिया थाना के अपर थानाध्यक्ष को फोन किया। फोन पर उसने बेहद अहंकार और आक्रामकता के साथ पुलिस को चुनौती दी। उसने कहा, “अगली न्यूज़ यह होगी कि अपराधी और पुलिस की मुठभेड़ में 10 से 15 पुलिसकर्मी मारे गए और अपराधी फरार हो गए। गुंडागर्दी क्या होती है, यह मैं पूरे शहर को दिखा दूंगा।” इस धमकी को पुलिस ने बेहद गंभीरता से लिया और तत्काल सर्विलांस के जरिए अपराधियों के लोकेशन को ट्रेस करना शुरू किया।

तड़के 2:30 बजे शुरू हुई मुठभेड़

​पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने लोकेशन मिलते ही रामडीहा गांव की घेराबंदी कर दी। खुद को चारों ओर से घिरा पाकर अपराधियों ने पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की और दोनों ओर से दर्जनों राउंड गोलियां चलीं। इस गोलीबारी में एसटीएफ के जवान श्री राम यादव को गोली लगी और वे शहीद हो गए। वहीं, पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दो मुख्य अपराधी कुंदन ठाकुर और प्रियंशु दुबे ढेर हो गए।

मारे गए अपराधियों का इतिहास

​मारे गए अपराधियों में कुंदन ठाकुर स्थानीय चकिया का रहने वाला था, जबकि प्रियांशु दुबे मुजफ्फरपुर के साहेबगंज का निवासी था। दोनों पर आर्म्स एक्ट, लूट और हत्या जैसे कई संगीन मामले पहले से दर्ज थे। पुलिस ने मौके से दो अन्य सहयोगियों, उज्ज्वल कुमार और संत कुमार तिवारी (पिता-पुत्र) को गिरफ्तार भी किया है।

भारी मात्रा में हथियार बरामद

​मुठभेड़ के बाद घटनास्थल की तलाशी के दौरान पुलिस को अपराधियों के पास से अत्याधुनिक हथियारों का जखीरा मिला है। बरामद सामानों में शामिल हैं:

  • ​एक कार्बाइन
  • ​दो पिस्टल
  • ​दो कट्टा
  • ​पांच जिंदा कारतूस
  • ​17 खोखे (इस्तेमाल की गई गोलियां)

इलाके में तनाव और जांच जारी

​घटना की सूचना मिलते ही डीआईजी और एसपी समेत तमाम बड़े अधिकारी मौके पर पहुंचे। शहीद जवान की शहादत पर पुलिस महकमे में शोक की लहर है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अपराधियों के हौसले इतने बुलंद थे कि वे सीधा पुलिस बल पर हमले की योजना बना रहे थे। फिलहाल पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है और फरार अन्य साथियों की तलाश में छापेमारी जारी है।

निष्कर्ष

​मोतिहारी की यह मुठभेड़ बिहार में अपराधियों के बढ़ते दुस्साहस और पुलिस की मुस्तैदी दोनों को दर्शाती है। जहां एक तरफ बिहार पुलिस ने धमकी देने वाले गुंडों का अंत किया, वहीं दूसरी ओर एसटीएफ जवान श्री राम यादव का बलिदान राज्य सुरक्षा के प्रति पुलिस की प्रतिबद्धता का प्रतीक बन गया है।

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