Loading Now

बिहार कैबिनेट: न विधायक, न पार्षद… फिर भी मंत्री बने वैशाली के लाल; शपथ ग्रहण में ‘जींस-शर्ट’ लुक ने बटोरी सुर्खियां

पटना/वैशाली। बिहार की राजनीति में मंगलवार का दिन ऐतिहासिक होने के साथ-साथ चर्चाओं से भरा रहा। पटना के गांधी मैदान में जब एनडीए सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार हो रहा था, तब एक चेहरे ने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया। ये चेहरा था वैशाली के लाल और उपेंद्र कुशवाहा के पुत्र दीपक प्रकाश का। दीपक ने न केवल मंत्री पद की शपथ लेकर सबको चौंकाया, बल्कि मंच पर उनके ‘कैजुअल’ पहनावे ने नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है।

​1. बिना सदन की सदस्यता के बने मंत्री

​दीपक प्रकाश की नियुक्ति इस मायने में खास है कि वह वर्तमान में न तो बिहार विधानसभा के सदस्य (विधायक) हैं और न ही विधान परिषद (एमएलसी) के। इसके बावजूद, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार में उन्हें राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के कोटे से इकलौता मंत्री बनाया गया है। राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। नियमों के मुताबिक, अब उन्हें अगले छह महीनों के भीतर किसी भी सदन की सदस्यता लेनी होगी।

​2. जींस, शर्ट और क्रॉक्स: चर्चा में रहा ‘दीपक स्टाइल’

​जहाँ शपथ ग्रहण समारोह में अधिकतर नेता पारंपरिक कुर्ता-पायजामा या सदरी में नजर आए, वहीं दीपक प्रकाश नीली जींस, फॉर्मल शर्ट और पैरों में ‘क्रॉक्स’ पहनकर मंच पर पहुंचे। उनके इस लुक ने सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक हलचल पैदा कर दी।

  • समर्थकों का तर्क: युवाओं का कहना है कि यह राजनीति में नएपन और आधुनिक सोच का प्रतीक है।
  • विरोधियों की राय: कुछ जानकारों का मानना है कि ऐसे गंभीर और संवैधानिक समारोहों में पद की गरिमा के अनुरूप पारंपरिक पहनावा होना चाहिए।

​3. कौन हैं दीपक प्रकाश? (प्रोफाइल)

​वैशाली जिले के महनार प्रखंड में 1989 में जन्मे दीपक प्रकाश का सफर राजनीति से पहले कॉर्पोरेट जगत में रहा है।

  • शिक्षा: उन्होंने 2011 में सिक्किम मणिपाल यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग (B.E.) की डिग्री हासिल की।
  • करियर: राजनीति में आने से पहले उन्होंने दो साल तक बतौर सॉफ्टवेयर इंजीनियर काम किया और उसके बाद अपना खुद का स्टार्टअप/व्यवसाय शुरू किया।
  • राजनीति में प्रवेश: वह साल 2019-20 से सक्रिय राजनीति में हैं और पिछली सरकार में भी पंचायती राज मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।

​4. RLM का बढ़ता कद और सासाराम की चर्चा

​राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) ने हालिया चुनाव में एनडीए गठबंधन के साथ मिलकर 6 सीटों पर चुनाव लड़ा था, जिनमें से 4 सीटों (बजपट्टी, मधुबनी, सासाराम और दिनारा) पर पार्टी ने जीत दर्ज की। पहले कयास लगाए जा रहे थे कि सासाराम से नवनिर्वाचित विधायक स्नेहलता को मंत्री बनाया जा सकता है, लेकिन अंततः पार्टी ने युवा चेहरे दीपक प्रकाश पर भरोसा जताया।

​5. गांधी मैदान में दिग्गजों की मौजूदगी

​इस भव्य शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी ने इसे और भी खास बना दिया। कुल 31 मंत्रियों ने शपथ ली, लेकिन दीपक प्रकाश का अंदाज और उनकी नियुक्ति का तरीका सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बना रहा।

Previous post

Bihar: ‘बेरहमी की मार से बुझ गई 14 साल के विक्रम की जिंदगी’, इलाज के दौरान टूटा परिवार का सहारा

Next post

नीतीश कुमार की विरासत संभालेंगे बेटे निशांत कुमार? मंत्री पद की शपथ के बाद अब इस ‘खास’ कुर्सी पर नजर

Post Comment

You May Have Missed