पटना: खाकी पर हमला करने वालों पर पुलिस का कड़ा प्रहार, 18 दबोचे गए; जानें क्या था पूरा मामला
पटना: राजधानी पटना के गर्दनीबाग थाना क्षेत्र में आपदा के समय मदद करने पहुंची पुलिस टीम पर हमला करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। पुलिस ने छापेमारी कर अब तक 18 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है, जिन पर सरकारी कार्य में बाधा डालने और पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट करने का गंभीर आरोप है।
आंधी-तूफान के बीच मची थी तबाही
यह पूरा विवाद 8 मई को शुरू हुआ था, जब पटना में अचानक आए तेज आंधी और भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया था। इसी दौरान गर्दनीबाग थाना क्षेत्र के रोड नंबर-1 में एक विशालकाय पेड़ जड़ से उखड़कर गिर गया। दुर्भाग्यवश, वहां मौजूद 5 लोग इस पेड़ की चपेट में आकर दब गए।
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और डीएसपी अन्नू अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने बिना समय गंवाए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और कड़ी मशक्कत के बाद मलबे में दबे सभी लोगों को बाहर निकाला। इस हादसे में एक व्यक्ति की जान चली गई, जबकि बाकी घायलों को तुरंत अस्पताल भेजा गया।
मदद करने गई टीम पर ही टूट पड़े उपद्रवी
हैरानी की बात यह है कि जब पुलिस की टीम जान जोखिम में डालकर लोगों को बचा रही थी, तभी कुछ स्थानीय असामाजिक तत्वों ने वहां माहौल बिगाड़ना शुरू कर दिया। देखते ही देखते भीड़ उग्र हो गई और मदद करने आई टीम पर ही जानलेवा हमला बोल दिया। उपद्रवियों ने न केवल पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की, बल्कि उनके साथ मारपीट भी की। इस हंगामे के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में भी काफी देर तक बाधा उत्पन्न हुई।
वीडियो और सीसीटीवी से तैयार हुई ‘हिट लिस्ट’
पुलिस महकमे ने इस घटना को पुलिस के इकबाल को चुनौती देने के रूप में लिया। पटना पुलिस ने तुरंत प्राथमिकी दर्ज की और हमलावरों की पहचान के लिए तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लिया। मौके के वायरल वीडियो और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। इसके आधार पर पुलिस ने उपद्रवियों की एक सूची तैयार की और उनके संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी।
अब तक 18 गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी
पुलिस ने अब तक कुल 18 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह हमला सोची-समझी साजिश थी या तात्कालिक आक्रोश, इसकी भी गहनता से जांच की जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि आपदा की घड़ी में मदद करने पहुंची टीम पर हमला एक ‘अक्षम्य अपराध’ है और इसमें शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
पटना पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से इलाके के असामाजिक तत्वों में हड़कंप मच गया है। बाकी संदिग्धों की गिरफ्तारी के लिए अभी भी छापेमारी की प्रक्रिया चल रही है।



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