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गोपालगंज में ई-शिक्षाकोष पोर्टल की जांच में 5639 शिक्षक संदिग्ध पाए गए। बिना सूचना अनुपस्थिति और फर्जी उपस्थिति जैसे मामले सामने आए हैं। डीईओ ने तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा है, साथ ही जवाब नहीं मिलने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। पढ़ें पूरी खबर…

Major Revelation from e-Shikshakosh Data Attendance of Over 5600 Teachers in Gopalganj Found Suspicious

ई-शिक्षाकोष पोर्टल की जांच में 5639 शिक्षक संदिग्ध पाए गए – फोटो : Amar Ujalaविज्ञापन

विस्तार

बिहार के गोपालगंज जिले में शिक्षा विभाग की डिजिटल मॉनिटरिंग प्रणाली ‘ई-शिक्षाकोष’ ने स्कूलों की व्यवस्था को लेकर बड़ा खुलासा किया है। महज एक दिन के डेटा विश्लेषण में 5,639 शिक्षक, शिक्षिकाएं और प्रधानाध्यापक संदिग्ध पाए गए हैं, जिसके बाद जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।

समीक्षा में ऑन मार्क ड्यूटी दिखी
जिला शिक्षा पदाधिकारी योगेश कुमार के नेतृत्व में ई-शिक्षाकोष पोर्टल की समीक्षा की गई। जांच में सामने आया कि कई शिक्षकों ने खुद को ‘ऑन मार्क ड्यूटी’ दिखाया, लेकिन इसके समर्थन में जरूरी प्रमाण उपलब्ध नहीं थे। इसके अलावा, कई शिक्षक बिना सूचना के स्कूल से अनुपस्थित पाए गए।
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पोर्टल पर समय से उपस्थिति दर्ज की गई
डाटा विश्लेषण से यह भी पता चला कि कुछ शिक्षक निर्धारित समय के काफी देर बाद विद्यालय पहुंचे, लेकिन पोर्टल पर समय से उपस्थिति दर्ज कर दी। इन अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।
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5639 शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा गया
मामले को लेकर डीईओ योगेश कुमार ने सभी 5,639 शिक्षकों से तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर संबंधित शिक्षकों के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

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जारी रहेगी डिजिटल निगरानी
इस कार्रवाई के बाद जिले के शिक्षक समुदाय में हड़कंप मच गया है। शिक्षा विभाग ने संकेत दिए हैं कि अब इस तरह की डिजिटल निगरानी लगातार जारी रहेगी, ताकि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और अनुशासन सुनिश्चित किया जा सके। यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि डिजिटल सिस्टम न केवल निगरानी को मजबूत बना रहा है, बल्कि लापरवाही बरतने वालों के लिए चेतावनी भी साबित हो रहा है। अब सभी की नजर प्रशासन के अगले कदम पर टिकी है।

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