वैशाली में बेखौफ बदमाशों का तांडव: लूट का विरोध करने पर वीडियोग्राफर को मारी गोली, स्कूटी और कीमती कैमरा लेकर फरार
वैशाली, बिहार: बिहार में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। ताजा मामला वैशाली जिले के लालगंज-सराय मार्ग से सामने आया है, जहां बेखौफ बदमाशों ने दिनदहाड़े एक बड़ी लूट की घटना को अंजाम दिया है। टारा चौक पुल के पास बाइक सवार तीन अपराधियों ने वीडियोग्राफी करने जा रहे एक युवक को अपना निशाना बनाया। लूटपाट का विरोध करने पर बदमाशों ने युवक के पैर में गोली मार दी और उसकी स्कूटी, मोबाइल, कैमरा तथा नकदी लेकर रफूचक्कर हो गए।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घायल युवक की पहचान राजापाकर थाना क्षेत्र के पचई मुबारक गांव निवासी मिथिलेश सिंह के 26 वर्षीय पुत्र शिव बालक कुमार के रूप में हुई है। शिव बालक पेशे से एक वीडियोग्राफर है। रविवार सुबह वह अपने एक सहयोगी के साथ स्कूटी पर सवार होकर लालगंज में एक शादी समारोह की वीडियोग्राफी करने जा रहे थे।
जैसे ही वे करताहा थाना क्षेत्र के अंतर्गत टारा चौक पुल के पास पहुंचे, एक पल्सर बाइक पर सवार तीन अपराधियों ने उनका पीछा करना शुरू कर दिया। अपराधियों ने रॉन्ग साइड से आकर उन्हें ओवरटेक किया और हथियार के बल पर रोकने की कोशिश की।
विरोध करने पर मारी गोली
अपराधियों ने शिव बालक से उसका कीमती कैमरा और मोबाइल छीनने का प्रयास किया। जब युवक ने हिम्मत दिखाते हुए इसका विरोध किया, तो अपराधियों ने बिना सोचे-समझे उसके पैर में गोली मार दी। गोली लगते ही शिव बालक लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़ा। इसके बाद बदमाश आसानी से उसकी स्कूटी, मोबाइल, कैमरा और पास में रखे कुछ नकद रुपये लूटकर फरार हो गए।
स्थानीय लोगों की मदद से अस्पताल में भर्ती
घटना के बाद सड़क पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास के राहगीरों और स्थानीय लोगों ने तुरंत डायल 112 और स्थानीय पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची डायल 112 की टीम ने घायल युवक को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका उपचार चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, गोली युवक के बाएं पैर में लगी है, फिलहाल उसकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
घटना की गंभीरता को देखते हुए सदर-2 एसडीपीओ गोपाल मंडल और करताहा थाना प्रभारी सूरज कुमार दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और आसपास के लोगों से पूछताछ की।
एसडीपीओ गोपाल मंडल ने बताया कि, “प्रथम दृष्टया यह लूट का मामला प्रतीत होता है। तीन बाइक सवार बदमाशों ने रॉन्ग साइड से आकर घटना को अंजाम दिया है। पुलिस ने अपराधियों की पहचान के लिए इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है। अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।”
बढ़ते अपराध से लोगों में आक्रोश
इस घटना के बाद इलाके के लोगों में काफी डर और रोष का माहौल है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि मुख्य सड़कों पर भी अब लोग सुरक्षित नहीं हैं। अपराधियों में पुलिस का डर खत्म होता जा रहा है। वीडियोग्राफी जैसे काम से जुड़े युवाओं का कहना है कि वे अक्सर देर रात या सुबह जल्दी कीमती उपकरणों के साथ चलते हैं, ऐसे में सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था होनी चाहिए।
निष्कर्ष
वैशाली की यह घटना बिहार में कानून व्यवस्था पर एक बार फिर सवालिया निशान खड़ा करती है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही लुटेरों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा, लेकिन तब तक आम जनता के मन में असुरक्षा का भाव बना हुआ है।



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