Rohtas Road Accident: रोहतास में भीषण सड़क हादसा, बाइक सवार दो युवकों की मौत से परिवारों में मातम
रोहतास (बिहार): बिहार के रोहतास जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है, जहाँ शनिवार की देर शाम हुए एक सड़क हादसे ने दो घरों के चिराग बुझा दिए। चेनारी थाना क्षेत्र के सोन उच्च स्तरीय नहर पर उरदा गांव के समीप यह दुर्घटना घटी, जिसमें बाइक पर सवार दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद से ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे इलाके में शोक की लहर है।
एजेंसी से घर लौटते समय हुआ हादसा
मिली जानकारी के अनुसार, दोनों मृतक युवक चेनारी बाजार स्थित नूतन ऑटो एजेंसी में काम करते थे। शनिवार की शाम जब वे अपना काम खत्म कर बाइक से सासाराम की ओर लौट रहे थे, तभी उरदा गांव के पास यह हादसा हुआ।
मृतकों की पहचान:
- दिनेश कुमार सिंह (55 वर्ष): कछवां थाना क्षेत्र के धनहरा गांव निवासी सीताराम सिंह के पुत्र।
- मनीष कुमार सिंह (32 वर्ष): अगरेर थाना क्षेत्र के खरवनीया गांव निवासी संजय सिंह के पुत्र।
अज्ञात वाहन या असंतुलन? पुलिस के लिए पहेली
हादसे के कारणों को लेकर अभी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस वक्त दुर्घटना हुई, सड़क पर सन्नाटा था। ऐसे में यह कहना कठिन है कि किसी अज्ञात वाहन ने बाइक में टक्कर मारी है या बाइक खुद अनियंत्रित होकर गिर गई।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), चेनारी पहुँचाया। हालांकि, अस्पताल के चिकित्सक डॉ. संजीत कुमार ने प्राथमिक जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टर के अनुसार, अस्पताल पहुँचने से पहले ही दोनों युवकों के प्राण पखेरू उड़ चुके थे।
अस्पताल परिसर में गमगीन माहौल
जैसे ही मौत की खबर मृतकों के परिजनों तक पहुँची, अस्पताल परिसर में चीख-पुकार मच गई। दिनेश और मनीष के परिजन और रिश्तेदार बड़ी संख्या में अस्पताल पहुँचे, जहाँ का माहौल अत्यंत हृदयविदारक था। मनीष (32 वर्ष) की कम उम्र में मौत ने सबको झकझोर कर रख दिया है।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
चेनारी थानाध्यक्ष रंजन कुमार ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने दोनों शवों को अपने कब्जे में ले लिया है। कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए सासाराम सदर अस्पताल भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा, “चूंकि हादसा एक सुनसान जगह पर हुआ है, इसलिए फिलहाल कोई चश्मदीद सामने नहीं आया है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है कि दुर्घटना का असली कारण क्या था।”
सड़क सुरक्षा पर सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर रात के समय सड़कों पर सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों के कहर पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि सोन नहर वाले इस मार्ग पर गश्त बढ़ाई जाए और अंधेरे वाले मोड़ों पर संकेतक लगाए जाएं ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
निष्कर्ष:
सड़क दुर्घटनाएं अक्सर परिवारों को कभी न भरने वाला जख्म दे जाती हैं। पुलिस की जांच के बाद ही साफ हो पाएगा कि इस घटना के पीछे किसी की लापरवाही थी या यह महज़ एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसा।



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