Bihar Cabinet: फिर मंत्री बनेंगी मधुबनी की ‘आधी आबादी’ की आवाज शीला मंडल, जानें कितनी है करोड़ों की संपत्ति
मधुबनी/पटना। बिहार में नई सरकार के गठन के साथ ही मंत्रिमंडल विस्तार की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इस विस्तार में मधुबनी जिले के फुलपरास विधानसभा क्षेत्र से जनता दल (यूनाइटेड) की विधायक शीला मंडल ने एक बार फिर मंत्री पद की शपथ ली है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की महिला सशक्तिकरण और ‘अति पिछड़ा’ कार्ड की राजनीति में शीला मंडल एक अनिवार्य चेहरा बनकर उभरी हैं।
1. पहली बार की जीत और सीधे कैबिनेट में एंट्री
शीला मंडल का राजनीतिक सफर काफी प्रभावशाली रहा है। साल 2020 में उन्होंने पहली बार फुलपरास सीट से चुनावी मैदान में कदम रखा और शानदार जीत हासिल की। उनकी काबिलियत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पहली बार विधायक बनते ही नीतीश कुमार ने उन्हें परिवहन विभाग जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी थी। 2025 के चुनावों में दोबारा जीत दर्ज कर उन्होंने साबित कर दिया कि क्षेत्र की जनता पर उनकी पकड़ मजबूत है।
2. अति पिछड़ा वर्ग (EBC) का बड़ा चेहरा
शीला मंडल धानुक समुदाय से ताल्लुक रखती हैं, जो बिहार के सामाजिक और राजनीतिक ढांचे में अति पिछड़ा वर्ग (EBC) का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। जदयू के ‘साइलेंट वोटर’ माने जाने वाले इस समुदाय को साधे रखने के लिए शीला मंडल पार्टी का सबसे बड़ा हथियार हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के बीच उनकी लोकप्रियता और सक्रियता उन्हें अन्य नेताओं से अलग बनाती है।
3. परिवहन मंत्री के रूप में उपलब्धियां
अपने पिछले कार्यकाल में परिवहन मंत्री रहते हुए उन्होंने कई नवाचार किए:
- पिंक बस सेवा: महिलाओं की सुरक्षा और सुलभ यात्रा के लिए उन्होंने ‘पिंक बस’ जैसी योजनाओं को प्राथमिकता दी।
- विपक्ष पर हमलावर: वे अक्सर प्रशांत किशोर जैसे विपक्षी चेहरों पर अपने तीखे राजनीतिक बयानों को लेकर भी चर्चा में बनी रहती हैं।
4. गहरा राजनीतिक बैकग्राउंड
शीला मंडल का राजनीति से पुराना नाता है। उनके चचेरे ससुर धनिक लाल मंडल बिहार विधानसभा के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं। फुलपरास क्षेत्र, जो कि समाजवादियों का गढ़ माना जाता है, वहां की मिट्टी से शीला मंडल का जुड़ाव और उनके परिवार का रसूख उन्हें एक परिपक्व राजनेता बनाता है।
5. करोड़ों की संपत्ति और निजी जीवन
वर्ष 2025 में चुनाव के दौरान दिए गए हलफनामे के अनुसार, शीला मंडल की आर्थिक स्थिति काफी सुदृढ़ है:
- कुल संपत्ति: लगभग 9.5 करोड़ रुपये।
- पारिवारिक स्थिति: उनके पति पेशे से इंजीनियर हैं, और परिवार की छवि एक शिक्षित और संपन्न पृष्ठभूमि वाली रही है।
6. समर्थकों में जश्न का माहौल
सम्राट चौधरी सरकार में दोबारा मंत्री बनाए जाने की खबर जैसे ही मधुबनी और फुलपरास पहुंची, जदयू कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी और मिठाइयां बांटकर खुशी का इजहार किया। जानकारों का मानना है कि इस बार उन्हें और भी महत्वपूर्ण विभाग की जिम्मेदारी दी जा सकती है।



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