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गयाजी: 15 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ का शंखनाद, विष्णुपद परिसर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़

गयाजी। मोक्ष की नगरी गयाजी के विश्व प्रसिद्ध श्री विष्णुपद मंदिर परिसर में शनिवार को एक ऐतिहासिक पल आया, जब 15 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद ‘श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ’ का भव्य शुभारंभ हुआ। विश्व शांति और लोक कल्याण की भावना के साथ आयोजित इस नौ दिवसीय अनुष्ठान को लेकर पूरे शहर में उत्सव जैसा माहौल है। सुबह की पहली किरण के साथ ही विष्णुपद परिसर वैदिक मंत्रोच्चार और शंखध्वनि से गूंज उठा।

501 कलशों के साथ निकली भव्य शोभायात्रा

​महायज्ञ की शुरुआत शनिवार सुबह एक विशाल और आकर्षक कलश यात्रा के साथ हुई। श्री विष्णुपद प्रबंधकारिणी समिति के तत्वावधान में आयोजित इस यात्रा में करीब 501 महिलाएं और युवतियां माथे पर कलश धारण कर शामिल हुईं। गाजे-बाजे के साथ निकली इस शोभायात्रा में ऊंट और घोड़े मुख्य आकर्षण का केंद्र रहे, जो पारंपरिक भारतीय संस्कृति की भव्यता को दर्शा रहे थे।

​यह कलश यात्रा विष्णुपद मंदिर से शुरू होकर चांद चौरा, नवागढ़ी, नादरागंज, और रमना रोड जैसे नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरी। मार्ग में जगह-जगह स्थानीय लोगों ने पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। सूर्यकुंड सरोवर पहुँचने पर यज्ञाचार्य के नेतृत्व में विधि-विधान के साथ जलभरी की रस्म पूरी की गई, जिसके बाद कलशों को वापस मंदिर लाकर यज्ञ मंडप में स्थापित किया गया।

महायज्ञ का पूरा शेड्यूल (19 से 26 अप्रैल)

​यज्ञ के मुख्य अनुष्ठानों की रूपरेखा स्पष्ट कर दी गई है:

  • 19 अप्रैल: अग्निस्थापना, वेदी पूजन और मंडप पूजन।
  • 20 अप्रैल: विधिवत महायज्ञ का आरंभ, जो प्रतिदिन सुबह से दोपहर तक चलेगा।
  • 26 अप्रैल: महायज्ञ की पूर्णाहुति और विशाल भंडारा।

​आयोजकों ने बताया कि इस दौरान पाँच मुख्य यजमान अनुष्ठान में बैठेंगे, लेकिन आम श्रद्धालु भी कूपन के माध्यम से हवन और पूजन में अपनी आहुति दे सकेंगे।

श्रीराम कथा का रसपान करेंगे श्रद्धालु

​महायज्ञ के साथ-साथ श्रद्धालुओं के आध्यात्मिक लाभ के लिए विष्णुपद मंदिर परिसर में ‘श्रीराम कथा’ का भी आयोजन किया गया है। इसके लिए एक विशाल और भव्य पंडाल तैयार किया गया है। सुप्रसिद्ध कथावाचिका डॉ. सरोज मृणाल ब्रजवासी प्रतिदिन संध्या 7 बजे से रात 10 बजे तक अपनी मधुर वाणी से श्रीराम के आदर्शों का वाचन करेंगी। शनिवार शाम से ही कथा का शुभारंभ हो गया है, जिसमें हजारों की संख्या में भक्त उमड़ रहे हैं।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम: चप्पे-चप्पे पर नजर

​इतने बड़े आयोजन को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद है। सुरक्षा व्यवस्था को डिजिटल रूप से भी मजबूत किया गया है:

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