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Bihar News: सुल्तानगंज हत्याकांड में बड़ा खुलासा; उपसभापति का पति ही निकला कातिल, पुलिस एनकाउंटर में ढेर

भागलपुर, बिहार: बिहार के भागलपुर जिले से एक बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आई है। सुल्तानगंज नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (EO) कृष्ण भूषण कुमार की दिनदहाड़े हुई हत्या के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को मार गिराया है। चौंकाने वाली बात यह है कि हत्या का मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि नगर परिषद की उपसभापति का पति रामधनी यादव निकला।

​पुलिस ने बुधवार को रामधनी यादव को एक एनकाउंटर में ढेर कर दिया। इस मुठभेड़ में पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारी भी घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

सीसीटीवी से खुला मौत का राज

​सुल्तानगंज में नगर परिषद कार्यालय के भीतर घुसकर जिस तरह से कार्यपालक पदाधिकारी की हत्या की गई थी, उसने पूरे बिहार को हिला कर रख दिया था। जांच के दौरान जब पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तो रामधनी यादव का चेहरा साफ तौर पर सामने आया। रामधनी यादव की पत्नी नीलम देवी न केवल उपसभापति हैं, बल्कि वह विधानसभा चुनाव भी लड़ चुकी हैं। सत्ता और रसूख के पीछे छिपकर रामधनी यादव ने इस पूरी साजिश को अंजाम दिया था।

हथियार बरामदगी के दौरान मुठभेड़

​पुलिस की टीम रामधनी यादव को गिरफ्तार करने के बाद उसे हथियार बरामदगी के लिए ले जा रही थी। इसी दौरान, पहले से घात लगाकर बैठे उसके अज्ञात साथियों ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। खुद को बचाने और पुलिस की गिरफ्त से भागने के लिए रामधनी ने भी मोर्चा खोल दिया।

​जवाबी कार्रवाई में बिहार पुलिस ने आत्मरक्षा में गोलियां चलाईं, जिसमें मुख्य आरोपी रामधनी यादव मौके पर ही ढेर हो गया। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने अपराधियों के बीच एक कड़ा संदेश भेजा है।

कर्तव्य की वेदी पर घायल हुए पुलिस अधिकारी

​इस एनकाउंटर के दौरान अपराधियों की गोलियों का सामना करते हुए डीएसपी नवीन, इंस्पेक्टर परमेश्वर और इंस्पेक्टर मृत्यंजय घायल हो गए। अधिकारियों की बहादुरी ने यह साबित कर दिया कि बिहार पुलिस अपराधियों के मंसूबों को नाकाम करने के लिए अपनी जान जोखिम में डालने से भी पीछे नहीं हटती। फिलहाल घायल अधिकारियों का इलाज चल रहा है और उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।

सिस्टम के भीतर छिपे अपराधियों पर सवाल

​यह घटना सिर्फ एक प्रशासनिक अधिकारी की हत्या नहीं है, बल्कि यह जनप्रतिनिधियों के आवरण में छिपे ‘अपराधिक चेहरों’ पर एक बड़ा सवालिया निशान है। जब सत्ता के करीब रहने वाले लोग ही कानून के रक्षकों की जान लेने लगें, तो व्यवस्था पर सवाल उठना लाजमी है। रामधनी यादव का अंत कानून की उस ताकत को दर्शाता है, जो किसी भी अपराधी को बख्शने के मूड में नहीं है।

निष्कर्ष: अपराधियों के लिए सीधी चेतावनी

​भागलपुर पुलिस की इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि अपराध का नेटवर्क चाहे कितना भी मजबूत क्यों न हो, कानून के हाथ उससे भी लंबे हैं। सुल्तानगंज की जनता अब न्याय की उम्मीद कर रही है। पुलिस अब उस पूरे सिंडिकेट को ध्वस्त करने में जुटी है, जिसने इस खूनी खेल को खाद-पानी दिया था।

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