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बिहार: ड्यूटी पर जा रहे एएसआई की सड़क हादसे में मौत, तेज रफ्तार ट्रक ने रौंदा; पुलिस महकमे में मातम

अरवल: बिहार के अरवल जिले से एक अत्यंत दुखद खबर सामने आई है। कर्तव्य की वेदी पर तैनात एक जांबाज पुलिस अधिकारी की सड़क हादसे में जान चली गई। गुरुवार को हुए इस भीषण हादसे में गंभीर रूप से घायल एएसआई (Assistant Sub-Inspector) मोनू कुमार ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद अरवल पुलिस महकमे और मृतक के परिजनों में कोहराम मच गया है।

​क्राइम मीटिंग में शामिल होने जा रहे थे एएसआई

​जानकारी के अनुसार, एएसआई मोनू कुमार गुरुवार को अपनी बाइक से जिला मुख्यालय में आयोजित क्राइम मीटिंग (अपराध समीक्षा बैठक) में शामिल होने के लिए निकले थे। वे पूरी मुस्तैदी के साथ अपनी ड्यूटी पर जा रहे थे, तभी रास्ते में मौत बनकर आए एक तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि मोनू कुमार हवा में उछलकर सड़क पर दूर जा गिरे, जिससे उनके सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं।

​पीएमसीएच में इलाज के दौरान तोड़ा दम

​हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से उन्हें घायल अवस्था में अरवल सदर अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए पीएमसीएच (PMCH) पटना रेफर कर दिया। पटना में डॉक्टरों की टीम ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन चोटें इतनी गहरी थीं कि इलाज के दौरान उनकी सांसें थम गईं।

​फरार ट्रक चालक की तलाश में जुटी पुलिस

​हादसे को अंजाम देने के बाद ट्रक चालक वाहन सहित मौके से फरार होने में सफल रहा। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि ट्रक की रफ्तार बहुत तेज थी। पुलिस ने अब इस मामले में कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है:

  • सीसीटीवी फुटेज: नेशनल हाईवे और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला जा रहा है।
  • ट्रक की पहचान: चश्मदीदों के बयान और कैमरों की मदद से ट्रक के नंबर की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।
  • एसपी के निर्देश: अरवल एसपी ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए आरोपी चालक की अविलंब गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं।

​पुलिस विभाग में शोक की लहर

​एएसआई मोनू कुमार की मौत की खबर मिलते ही जिले के तमाम पुलिस अधिकारी और जवान शोक में डूब गए। वरिष्ठ अधिकारियों ने उनके निधन को विभाग के लिए एक बड़ी क्षति बताया है। विभाग की ओर से उनके परिजनों को हर संभव सहायता और सम्मान देने का भरोसा दिलाया गया है।

निष्कर्ष

​सड़क हादसों में पुलिसकर्मियों की जान जाना एक गंभीर चिंता का विषय है। तेज रफ्तार और लापरवाही न जाने कितने घरों के चिराग बुझा देती है। एएसआई मोनू कुमार का बलिदान उनके कर्तव्य के प्रति समर्पण की याद दिलाता रहेगा।

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