Bihar News: सीएसपी संचालक ने 300 ग्रामीणों के अरमानों पर फेरा पानी, तीन करोड़ की महाठगी कर परिवार संग फरार
सार
Purnea Banking Fraud: पूर्णिया के रौटा में सीएसपी संचालक जुबैर आलम 300 ग्रामीणों के खातों से 3 करोड़ रुपये की ठगी कर परिवार समेत फरार हो गया। आरोपी बायोमैट्रिक के जरिए पैसे उड़ाकर अपने करीबियों के खाते में भेजता था। पुलिस मामला दर्ज कर छापामारी कर रही है।

गुस्साए लोगों ने जाम की रोड, यातायात बाधित – फोटो : अमर उजालाविज्ञापन
विस्तार
पूर्णिया जिले के रौटा थाना क्षेत्र से बैंकिंग धोखाधड़ी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक सीएसपी संचालक पर लगभग 300 खाताधारकों के खून-पसीने की कमाई हड़पने का गंभीर आरोप लगा है। अनुमान है कि यह घोटाला करीब 3 करोड़ रुपये से अधिक का है। घटना के खुलासे के बाद से ही आरोपी संचालक अपने पूरे परिवार के साथ पिछले 15 दिनों से फरार है। गुस्साए ग्रामीणों ने बैंक शाखा के पास एनएच-99 को करीब दो घंटे तक जाम रखा। सड़क जाम होने से वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। अधिकारियों ने पीड़ितों को उचित कार्रवाई और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन देकर जाम हटवाया।
ग्रामीणों ने बताया कि जुबैर आलम बैंकिंग सेवाओं के नाम पर लोगों को झांसे में लेता था। जब भी कोई ग्रामीण पैसे निकालने या जमा करने आता, तो वह तकनीकी खराबी या सर्वर डाउन का बहाना बनाकर उनसे बार-बार बायोमैट्रिक (अंगूठा) लगवाता था। इसी दौरान वह मोबाइल और नेट बैंकिंग का अवैध इस्तेमाल कर चुपके से उनके खातों से पैसे उड़ा लेता था। आरोप है कि ठगी गई यह भारी-भरकम राशि जुबैर ने सीधे तौर पर अपने बेटे इंतेशार आलम, पत्नी रूमी नाज, दामाद परवेज आलम और अन्य करीबियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की। इस सुनियोजित साजिश का पता तब चला जब खाताधारक अपनी पासबुक अपडेट कराने मुख्य बैंक शाखा पहुंचे।
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इस ठगी का शिकार अधिकतर गरीब तबके के लोग हुए हैं। पीड़िता सुबांगी बेगम के खाते से 14 लाख 57 हजार रुपये गायब मिले, जिसे सुनकर वह बदहवास हैं। वहीं निकहत परवीन, मधु कुमारी, बीबी नाजमीन, सोहागी बेगम और मो. रज्जाक जैसे सैकड़ों लोगों की जमा पूंजी लूट ली गई है।

ग्रामीणों ने इस मामले में बैंक के बड़े अधिकारियों की मिलीभगत की आशंका भी जताई है। न्याय की मांग को लेकर गुस्साए ग्रामीणों ने बैसा शाखा के पास एनएच-99 (बहादुरगंज-बायसी मार्ग) को करीब दो घंटे तक जाम रखा। सड़क जाम होने से वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलते ही एसडीओ अभिषेक रंजन, एसडीपीओ जितेंद्र पांडेय और रौटा थानाध्यक्ष भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने पीड़ितों को उचित कार्रवाई और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन देकर जाम हटवाया।
रौटा थाना में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस फिलहाल ठगी की सटीक राशि का आकलन करने के लिए बैंक स्टेटमेंट खंगाल रही है। पुलिस के अनुसार, फरार जुबैर आलम और उसके परिजनों की तलाश में संभावित ठिकानों पर छापामारी की जा रही है। ग्रामीणों ने मांग की है कि इस मामले की उच्चस्तरीय जांच हो ताकि उनकी डूबी हुई रकम वापस मिल सके।
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