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बिहार के नालंदा में खूनी तांडव: बाईपास निर्माण स्थल पर पोकलेन चालक की गोली मारकर हत्या, इंजीनियर की बाल-बाल बची जान

बिहार के नालंदा जिले के हिलसा थाना क्षेत्र में अपराधियों ने कानून व्यवस्था को चुनौती देते हुए एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। शनिवार की देर शाम, हिलसा पूर्वी बाईपास के निर्माण स्थल पर बाइक सवार हथियारबंद बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिंग की, जिसमें एक पोकलेन चालक की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना ने न केवल निर्माण कार्य में लगे कर्मियों को झकझोर दिया है, बल्कि पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।

इंजीनियर था असली निशाना, चालक चढ़ा भेंट

​प्रत्यक्षदर्शियों और प्रारंभिक जांच से मिली जानकारी के अनुसार, घटना त्रिलोक विगहा के पास की है। शनिवार शाम जब बाईपास का निर्माण कार्य जोरों पर था, तभी अचानक बाइक पर सवार होकर आए अपराधी वहां पहुंचे। बताया जा रहा है कि बदमाशों का मुख्य उद्देश्य साइट पर मौजूद इंजीनियर को निशाना बनाना था। संभवतः रंगदारी या किसी आपसी विवाद को लेकर यह हमला किया गया था।

​जब अपराधी इंजीनियर को निशाना बनाने में सफल नहीं हो सके, तो उन्होंने अपनी बौखलाहट वहां काम कर रहे पोकलेन चालक पर निकाली। बदमाशों ने चालक के सीने में बेहद करीब से गोली दाग दी। गोली लगने के बाद चालक वहीं गिर पड़ा, जबकि अपराधी हथियार लहराते हुए मौके से फरार हो गए।

झारखंड का रहने वाला था मृतक कुलदीप

​मृतक की पहचान 32 वर्षीय कुलदीप यादव के रूप में हुई है, जो मूल रूप से झारखंड के पथरी गांव का निवासी था। वह पिछले कुछ समय से यहाँ बाईपास निर्माण कंपनी के साथ पोकलेन चालक के तौर पर काम कर रहा था। घटना के तुरंत बाद सहकर्मियों और स्थानीय लोगों की मदद से कुलदीप को लहूलुहान हालत में हिलसा अनुमंडलीय अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। जवान बेटे की मौत की खबर मिलते ही उसके परिवार में मातम छा गया है।

पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई

​वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। एसडीओ अमित कुमार पटेल और डीएसपी शैलजा तुरंत अस्पताल पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। हिलसा थानाध्यक्ष अभिजीत कुमार ने बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और आसपास के लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।

​पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया यह मामला रंगदारी या वर्चस्व की जंग से जुड़ा लग रहा है। हालांकि, सभी पहलुओं पर जांच जारी है। अपराधियों की धरपकड़ के लिए विशेष टीम का गठन कर छापेमारी शुरू कर दी गई है।

मजदूरों में डर का माहौल

​इस हत्याकांड के बाद बाईपास निर्माण स्थल पर काम पूरी तरह ठप हो गया है। वहां काम करने वाले मजदूरों और अन्य कर्मचारियों में भारी दहशत है। कर्मियों का कहना है कि सुरक्षा के अभाव में वे ऐसे माहौल में काम नहीं कर सकते जहाँ दिनदहाड़े गोलियां चल रही हों। स्थानीय लोगों ने भी बढ़ते अपराध को लेकर नाराजगी जाहिर की है।

निष्कर्ष

​नालंदा में हुई यह घटना बिहार में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं (Infrastructure Projects) में लगे कर्मियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है। जब तक अपराधियों के मन में कानून का खौफ नहीं होगा, तब तक विकास कार्यों में लगे ऐसे निर्दोष लोग बलि चढ़ते रहेंगे। अब देखना यह है कि नालंदा पुलिस कितनी जल्दी इन बदमाशों को सलाखों के पीछे पहुँचाती है।

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