Loading Now

गोपालगंज: पहली सालगिरह पर मची चीख-पुकार; दहेज के लिए गर्भवती नवविवाहिता की गला दबाकर हत्या

बिहार के गोपालगंज जिले के सिधवलिया थाना क्षेत्र से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया है। जहाँ एक घर में शादी की पहली सालगिरह का जश्न मनाया जाना था, वहां आज मातम पसरा है। 22 वर्षीय गर्भवती नवविवाहिता गुड़िया देवी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। मायके वालों का आरोप है कि दहेज की मांग पूरी न होने पर ससुराल वालों ने गला दबाकर उसकी जान ले ली।
​शादी की पहली सालगिरह और मौत का दिन
​सबसे ज्यादा दुखद बात यह है कि शनिवार को ही गुड़िया की शादी की पहली वर्षगांठ थी। परिजनों ने बताया कि गुड़िया तीन महीने की गर्भवती थी और वह अपने आने वाले बच्चे व सालगिरह को लेकर बहुत खुश थी। लेकिन उसी दिन दहेज के दानवों ने उसकी खुशियों का अंत कर दिया।
​बुलेट और सोने की चेन की मांग
​मृतका के भाई सोनू सिंह और परिजनों ने पति मनीष कुंवर और उनके परिवार पर गंभीर आरोप लगाए हैं:
​दहेज का दबाव: परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष की ओर से बुलेट मोटरसाइकिल और सोने की चेन की मांग की जा रही थी।
​प्रताड़ना: मांग पूरी न होने पर गुड़िया को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था।
​गला दबाकर हत्या: भाई का आरोप है कि उसकी बहन की गला दबाकर हत्या की गई है।
​ससुराल पक्ष फरार, पुलिस की छापेमारी
​घटना की जानकारी मिलते ही जब सिधवलिया थाना पुलिस बखरौर गांव पहुंची, तो घर के सभी सदस्य फरार मिले। आरोपी पति और उसके परिजन घर छोड़कर भाग निकले हैं, जो शक की सुई को उनकी ओर और मजबूती से घुमाता है।
​पुलिस की कार्रवाई:
​पोस्टमार्टम: पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है।
​प्राथमिकी: मायके वालों के बयान के आधार पर संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया जा रहा है।
​विशेष टीम: फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस की एक विशेष टीम संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
​इलाके में आक्रोश
​इस घटना के बाद से पूरे इलाके में गहरा आक्रोश और शोक व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस बेटी के हाथों की मेहंदी का रंग अभी पूरी तरह फीका भी नहीं पड़ा था, उसे दहेज की वेदी पर चढ़ा दिया गया। मृतका के परिजन प्रशासन से दोषियों के लिए फांसी की सजा की मांग कर रहे हैं।
​निष्कर्ष
​दहेज जैसी कुप्रथा आज भी हमारे समाज की बेटियों को लील रही है। गोपालगंज की यह घटना एक चेतावनी है कि सख्त कानूनों के बावजूद ज़मीनी स्तर पर जागरूकता और सामाजिक बदलाव की कितनी आवश्यकता है। पुलिस को उम्मीद है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों का पूरी तरह खुलासा हो जाएगा।

Previous post

बिहार: नालंदा में डस्टबिन विवाद में बुजुर्ग की हत्या; नशे में धुत पड़ोसी ने ईंट से हमला कर ली जान

Next post

Bihar: मंत्रिमंडल विस्तार के बाद नीतीश कुमार का ‘एक्शन प्लान’, स्वास्थ्य विभाग और संगठन को लेकर हुई महाबैठक

Post Comment

You May Have Missed