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बिहार में साइबर ठगों पर ईओयू का ‘महाप्रहार’: खगड़िया समेत कई जिलों में छापेमारी, 50 जालसाज दबोचे गए

​बिहार में पैर पसार रहे डिजिटल अपराध पर लगाम लगाने के लिए आर्थिक अपराध इकाई (EOU) के निर्देश पर एक राज्यव्यापी महाअभियान चलाया गया है। इस कार्रवाई के तहत पुलिस ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में ताबड़तोड़ छापेमारी कर 50 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। इस बड़ी कार्रवाई से साइबर ठगों के सिंडिकेट में हड़कंप मच गया है।
​खगड़िया में 8 ठिकानों पर रेड, कई संदिग्ध हिरासत में
​साइबर डीएसपी निशांत गौरव ने जानकारी देते हुए बताया कि खगड़िया जिले में कुल आठ स्थानों पर सघन छापेमारी की गई।
​प्रमुख गिरफ्तारियां: अलौली और गोगरी क्षेत्र से दो शातिर ठगों को गिरफ्तार किया गया है।
​इन इलाकों में हुई रेड: गोगरी, बेलदौर, परबत्ता और मानसी समेत 6 अन्य इलाकों में भी पुलिस की टीमों ने दबिश दी।
​पूछताछ और बांड: पुलिस ने कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। ठोस सबूत न मिलने पर फिलहाल उनसे PR बॉन्ड भरवाकर छोड़ा गया है, लेकिन उनकी गतिविधियों पर पुलिस की पैनी नजर बनी हुई है।
​पूरे प्रदेश का आंकड़ा: 31 FIR और 50 गिरफ्तारियां
​मई के पहले सप्ताह में चलाए गए इस विशेष अभियान के नतीजे काफी प्रभावी रहे हैं। डीएसपी के मुताबिक:
​पूरे बिहार में साइबर अपराध से जुड़ी कुल 31 एफआईआर दर्ज की गई हैं।
​अब तक 50 अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है।
​सुपौल जिला इस कार्रवाई में सबसे आगे रहा, जहाँ अकेले 10 साइबर जालसाजों को गिरफ्तार किया गया।
​विदेशी कनेक्शन और आधार कार्ड की धांधली
​इस कार्रवाई के दौरान एक चौंकाने वाला खुलासा भी हुआ है। बिहार में पकड़े गए कुछ जालसाजों ने पूछताछ में बताया कि पश्चिम बंगाल के रास्ते विदेशियों के फर्जी आधार कार्ड बनवाए जा रहे हैं। पुलिस अब इस इनपुट के आधार पर नेटवर्क के मुख्य सरगनाओं की तलाश में जुटी है।
​डिजिटल सुरक्षा के लिए पुलिस की गाइडलाइन
​साइबर डीएसपी निशांत गौरव ने जनता से अपील की है कि वे डिजिटल लेन-देन और सुरक्षा को लेकर बेहद सतर्क रहें। उन्होंने कुछ महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए हैं:
​गोपनीयता बनाए रखें: कभी भी अपना ओटीपी (OTP), पिन या बैंक विवरण किसी के साथ साझा न करें।
​संदिग्ध लिंक से बचें: किसी भी अनजान व्हाट्सएप मैसेज या ईमेल में आए लिंक पर क्लिक न करें।
​फर्जी दस्तावेज: किसी भी अनधिकृत व्यक्ति के माध्यम से सरकारी दस्तावेज जैसे आधार या पैन कार्ड न बनवाएं।
​निष्कर्ष
​बिहार पुलिस और ईओयू का यह समन्वित प्रयास दर्शाता है कि राज्य सरकार अब साइबर अपराध को लेकर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है। आने वाले दिनों में यह अभियान और भी तेज होने की संभावना है। यदि आपके साथ भी कोई साइबर धोखाधड़ी होती है, तो तुरंत 1930 पर कॉल करें या नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।

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