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सहरसा में मिड-डे मील का ‘जहर’: खाना खाते ही 250 से अधिक बच्चे बीमार, स्कूल में मचा हड़कंप, कई सदर अस्पताल रेफर

सहरसा। बिहार के सहरसा जिले से एक बेहद विचलित करने वाली खबर सामने आई है। महिषी प्रखंड स्थित राजकीय मध्य विद्यालय बलुआहा में गुरुवार को मिड-डे मील खाने के बाद 250 से अधिक छात्र-छात्राएं अचानक बीमार पड़ गए। भोजन करने के कुछ ही मिनटों के भीतर बच्चों को पेट दर्द, उल्टी और चक्कर आने की शिकायत होने लगी, जिससे स्कूल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

​1. भोजन के बाद बिगड़ने लगी स्थिति

​मिली जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह करीब 10 बजे बच्चों को स्कूल में मिड-डे मील के तहत चावल और दाल परोसी गई थी। पांचवीं कक्षा के छात्र रोहित और सातवीं की छात्रा शिवानी ने बताया कि खाना खाने के तुरंत बाद एक-एक कर बच्चों की तबीयत खराब होने लगी। कई बच्चे दर्द से कराहते हुए जमीन पर गिर पड़े, जबकि कई को लगातार उल्टियां होने लगीं।

​स्कूल प्रशासन ने आनन-फानन में स्थानीय ग्रामीणों की मदद से बीमार बच्चों को महिषी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) पहुँचाया। इतनी बड़ी संख्या में बच्चों के पहुँचने से स्वास्थ्य केंद्र में संसाधनों की कमी और अफरा-तफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई।

​2. प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, कई छात्र रेफर

​घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए सहरसा के सिविल सर्जन डॉ. राजनारायण प्रसाद डॉक्टरों की विशेष टीम के साथ मौके पर पहुंचे। प्राथमिक जांच के बाद डॉक्टरों ने इसे ‘फूड प्वाइजनिंग’ (खाद्य विषाक्तता) का मामला बताया है।

​एहतियात के तौर पर जिन बच्चों की स्थिति अधिक गंभीर थी, उन्हें बेहतर इलाज के लिए सहरसा सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया है। सिविल सर्जन ने बताया कि फिलहाल सभी बच्चे खतरे से बाहर हैं और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। उन्होंने अभिभावकों से धैर्य बनाए रखने की अपील की है।

​3. आक्रोशित अभिभावकों का हंगामा

​जैसे ही बच्चों के बीमार होने की खबर गांव में फैली, सैकड़ों की संख्या में अभिभावक स्कूल और अस्पताल पहुंच गए। परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। स्थानीय लोगों का कहना है कि मिड-डे मील की गुणवत्ता को लेकर पहले भी शिकायतें की गई थीं, लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।

​4. जांच के घेरे में स्कूल प्रबंधन: लैब भेजे जाएंगे सैंपल

​जिला प्रशासन ने इस बड़ी लापरवाही को गंभीरता से लिया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर शिक्षा विभाग और खाद्य विभाग की टीम ने स्कूल का दौरा किया और उस समय बने भोजन के नमूने (Samples) एकत्र किए हैं।

  • कठोर कार्रवाई की चेतावनी: अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नमूनों को जांच के लिए सरकारी प्रयोगशाला भेजा जा रहा है।
  • दोषियों पर गिरेगी गाज: जांच रिपोर्ट में यदि भोजन की गुणवत्ता में कमी या किसी भी प्रकार की लापरवाही पाई गई, तो संबंधित वेंडर, रसोइया और स्कूल प्रभारी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

​5. मिड-डे मील की सुरक्षा पर उठे सवाल

​बिहार के स्कूलों में मिड-डे मील से जुड़ी यह कोई पहली घटना नहीं है। सहरसा की इस घटना ने एक बार फिर सरकारी स्कूलों में बच्चों को दिए जाने वाले भोजन की शुद्धता और स्वच्छता मानकों पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है।

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