Bihar : अनंत सिंह को अब कौन-कैसे बचाएगा? हर बार जेल जाकर निकल रहे; इस बार क्या होगा?
सार
Bihar : मोकामा के बाहुबली और छोटे सरकार को सरकार दे भी तो कैसे? जब-जब सरकार और न्यायपालिका के द्वारा उनको राहत मिलती है, वह खुद एक नई परेशानी को बुला लेते हैं। जेल से निकलने के बाद उन्होंने फिर परेशानी को दावत दे दी है।

अनंत सिंह – फोटो : अमर उजालाविज्ञापन
विस्तार
बाहुबली नेता और मोकामा के विधायक अनंत सिंह को सरकार राहत दे भी तो कैसे? सरकार और न्यायपालिका के द्वारा जब-जब अनंत सिंह को राहत दी जाती है, वह खुद परेशानी और उलझनों को अपने पास बुला लेते हैं। इसलिए अनंत सिंह की मुश्किलें घटने के बजाय बढ़ती ही जा रही हैं।
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वह महागठबंधन के साथ थे, जब एके-47 की बरामदगी मामले में वह जेल गए थे। फिर वह सत्ता के साथ आए तो उनकी परेशानी कम होती दिखी। उन्हें बेल मिल गया।अक्टूबर 2025 में मोकामा में दुलारचंद यादव हत्याकांड मामले में 1 नवंबर 2025 को गिरफ्तार होकर बेऊर जेल भेजे गए थे। बिहार सरकार के द्वारा राहत दी गई और 23 मार्च 2026 को वह रिहा हुए। इससे पहले, 2019 में एके-47 की बरामदगी मामले में और 2015 में अपहरण व हत्या के मामले में भी वे जेल जा चुके हैं।
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अनंत सिंह कब-कब गए जेल और कब हुई रिहाई
- अक्टूबर 2025 में मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या के मामले में गिरफ्तार होकर जेल गए। फिर 1 नवंबर 2025 से लेकर 23 मार्च 2026 तक वह जेल में रहे। बिहार सरकार के द्वारा उनको राहत देते हुए बाहर निकाला गया।
- अगस्त 2024 में आर्म्स एक्ट के मामले से बरी होकर जेल से बाहर आए थे, लेकिन फिर एक अन्य मामले में वह जेल गए। दरअसल 22 जनवरी 2025 की शाम नौरंगा जलालपुर गांव में गोलीबारी हुई थी। इस मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद उन्होंने खुद को आत्मसमर्पण किया। फिर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उनको जेल भेज दिया था। लेकिन बिहार सरकार के द्वारा राहत देने के बाद उनको बेल मिला था।
- इससे पहले 16 अगस्त 2019 जब महागठबंधन की सरकार थी। उस समय उनके आवास से एके-47 और ग्रेनेड मिलने के मामले में उन्होंने दिल्ली के साकेत कोर्ट में सरेंडर किया था, जिसके बाद वे लंबे समय तक जेल में रहे।
- बाढ़ में अपहरण और हत्या के मामले में 2015 में भी उन्हें गिरफ्तार किया गया था।
क्या है ताजा मामला?
2 मई की तारीख, गोपालगंज जिले के मीरगंज अंतर्गत सेमराव गांवमें स्थानीय मुखिया गुड्डू राय के बेटे का उपनयन संस्कार था। उस कार्यक्रम में अनंत सिंह और भोजपुरी गायक गुंजन सिंह भी आमंत्रित थे। उस वक्त वहां कई हथियारबंद लोग भी मौजूद थे,लेकिन जैसे ही छोटे सरकार की वहां एंट्री हुई, मर्यादा की सारी सीमाएं टूट गईं। उस पल का वीडियो वायरल हो गया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि अनंत सिंह के स्वागत में समर्थक बेखौफ होकर हथियार लहरा रहे हैं। बैकग्राउंड में भोजपुरी अश्लील गाना भी बज रहा था। वहीं दूसरी ओर, मंच पर बार-बालाएं बज रहे गानों पर थिरक रही थीं। वहां मौजूद लोग हथियार लहराते हुए उस नर्तकी पर सरेआम पैसे लुटा रहे थे। यह नजारा उत्सव कम और शक्ति प्रदर्शन ज्यादा लग रहा था।
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रोहिणी आचार्या ने कसा तंज
इस मामले ने अब राजनीतिक रूप ले लिया है। राजद नेता रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या राज्य में महिला सम्मान और कानून व्यवस्था सिर्फ कागजों तक सीमित है? बाहुबलियों के आगे प्रशासन मौन क्यों रहता है? उन्होंने लिखा है, “लालू जी के द्वारा बिहार की कला – संस्कृति की एक पारंपरिक नृत्य – विधा, जिसको बिहार के शेक्सपियर कहे जाने वाले महान लोक कलाकार स्व. भिखारी ठाकुर जी ने भी संजोया , का आयोजन कराए जाने , देखे जाने पर जिन लोगों ने बेवजह सवाल उठाए थे , जिन मीडिया कर्मियों ने बिना जाने – समझे हाय – तौबा मचाई थी , वही लोग अब सत्तापक्ष के इस विवादास्पद चहेते विधायक के द्वारा अपनी अय्याशी, अपनी दबंगई का खुलेआम मुजाहिरा किए जाने पर मौन हैं ? इस मामले पर सत्तापक्ष के लोगों की चुप्पी से ही साफ़ जाहिर होता है पूरे सत्तापक्ष का चाल – चरित्र और चेहरा इस विधायक सरीखा ही है ..”
रोहिणी आचार्या ने आगे लिखा है कि, “फसोसजनक है कि इस मामले में हजारों लोगों के सामने नाचने को मजबूर एक महिला पर लुटायी जा रही नोटों की गड्डियों से कैसा महिला सम्मान हो रहा है ? ये महिला सम्मान की खोखली बातें करने वाले बिहार के मुख्यमंत्री को क्यूँ नजर नहीं आ रहा है ? क्या “बेटी – बचाओ” का नारा देने वालों के शासन में खुलेआम हो रहा ये भोंड़ा प्रदर्शन, नारा देने वालों की खोखली नैतिकता व् असलियत को उजागर नहीं करता है ?”
कार्रवाई में जुटी पुलिस
वीडियो वायरल होते ही गोपालगंज के एसपी विनय तिवारी ने इस मामले पर कड़ा रुख अख्तियार किया। आनन-फानन में हथुआ एसडीपीओ आनंद मोहन गुप्ता को जांच के आदेश दिए गए। बताया जा रहा है कि मीरगंज थाने में बाहुबली अनंत सिंह, भोजपुरी गायक गुंजन सिंह और आयोजक गुड्डू राय समेत 9 लोगों को आरोपी बनाते हुए नामजद और कई अज्ञात लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। बताया जा रहा है कि आर्म्स एक्ट और आईपीसी की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिसमें अश्लीलता फैलाना, शांति भंग करना और अवैध हथियार का प्रदर्शन करना शामिल है। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस अब आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।



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