मधेपुरा: आधी रात कोसी एक्सप्रेस में आग का तांडव, कोच से उठती लपटें देख यात्रियों ने कूदकर बचाई जान
मधेपुरा। बिहार के मधेपुरा जिले से शुक्रवार की देर रात एक बड़ी रेल दुर्घटना की खबर सामने आई है। पटना से पूर्णिया कोर्ट जा रही कोसी एक्सप्रेस के एक जनरल कोच में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। घटना दीनापट्टी स्टेशन के समीप की है, जहाँ चलती ट्रेन से धुएं का गुबार और आग की लपटें उठती देख यात्रियों के बीच मौत का खौफ पैदा हो गया। गनीमत यह रही कि समय रहते ट्रेन को रोक लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया।
रात 11:20 बजे: धुएं के गुबार से शुरू हुई दहशत
मिली जानकारी के अनुसार, घटना शुक्रवार रात करीब 11:20 बजे की है। ट्रेन मधेपुरा के दीनापट्टी के पास से गुजर रही थी, तभी जनरल कोच संख्या एस-5 के नीचे से अचानक गहरा धुआं निकलने लगा। कोच में सवार यात्रियों ने जब नीचे से उठती चिंगारी और धुआं देखा, तो चीख-पुकार मच गई।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि शुरुआती दौर में कुछ यात्रियों ने शोर मचाकर अलर्ट करने की कोशिश की, लेकिन ट्रेन की रफ्तार के कारण स्थिति को तुरंत भांपा नहीं जा सका। देखते ही देखते धुआं आग की लपटों में तब्दील हो गया और पूरे कोच में फैलने लगा।
चीख-पुकार और भगदड़: यात्रियों ने दिखाई सूझबूझ
आग की लपटें तेज होते ही कोच के भीतर भगदड़ जैसे हालात बन गए। यात्री अपने सामान को छोड़कर जान बचाने के लिए गेट की ओर भागने लगे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चालक और गार्ड ने तुरंत ट्रेन को रोका। ट्रेन के रुकते ही यात्री कोच से नीचे कूदने लगे।
रेलवे कर्मचारियों ने बिना समय गंवाए फायर एक्सटिंगुइशर (आग बुझाने वाले यंत्रों) और स्थानीय संसाधनों की मदद से आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू की। करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग को पूरी तरह बुझाया जा सका। इस दौरान ट्रेन ट्रैक पर ही खड़ी रही और यात्रियों में भारी घबराहट देखी गई।
कोई हताहत नहीं, रेलवे ने शुरू की हाई-लेवल जांच
राहत की सबसे बड़ी बात यह रही कि इस घटना में किसी भी यात्री के घायल होने या जान जाने की खबर नहीं है। आग पर काबू पाने और सुरक्षा मानकों की जांच के बाद ट्रेन को पूर्णिया कोर्ट के लिए रवाना कर दिया गया।
रेलवे प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आंतरिक जांच के आदेश दिए हैं। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट या ब्रेक बाइंडिंग (पहियों में घर्षण) माना जा रहा है, हालांकि रेलवे की तकनीकी टीम विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही कारणों की पुष्टि करेगी।
यात्रियों में आक्रोश और असुरक्षा का भाव
इस घटना ने भारतीय रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवालिया निशान लगा दिए हैं। कोच में यात्रा कर रहे यात्रियों ने आरोप लगाया कि पुरानी बोगियों और रख-रखाव की कमी के कारण इस तरह की घटनाएं हो रही हैं। मधेपुरा कोसी ब्यूरो के अनुसार, ट्रेन के रवाना होने के बाद भी कई यात्री सहमे हुए थे।
निष्कर्ष: सतर्कता से टला बड़ा हादसा
दीनापट्टी के पास हुई यह घटना एक चेतावनी है। यदि यह आग रात के और अधिक सन्नाटे में या किसी सुनसान इलाके में लगती, जहाँ मदद पहुँचने में देरी होती, तो परिणाम भयावह हो सकते थे। रेल यात्रियों की सतर्कता और रेलवे कर्मियों की त्वरित कार्रवाई ने आज सैकड़ों परिवारों को उजड़ने से बचा लिया।



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