दरभंगा: होटल के बंद कमरे में सुपौल के व्यवसायी की रहस्यमयी मौत, दो दिनों से नहीं खुला था दरवाजा
दरभंगा। बिहार के दरभंगा जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के स्टेशन रोड स्थित ‘नारायण होटल’ के एक कमरे से सुपौल के एक बड़े व्यवसायी का शव बरामद हुआ है। व्यवसायी का शव होटल के बाथरूम में पड़ा मिला, जिसके बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। पुलिस फिलहाल इसे हत्या और आत्महत्या के बीच का रहस्य मानकर जांच कर रही है।
15 अप्रैल से होटल में ठहरे थे संजय अग्रवाल
मृतक की पहचान सुपौल जिले के नगर थाना क्षेत्र के गुदरी बाजार निवासी संजय प्रसाद अग्रवाल के रूप में हुई है। होटल रिकॉर्ड के अनुसार, संजय 15 अप्रैल को दरभंगा आए थे और इसी होटल में कमरा लेकर ठहरे थे। बताया जा रहा है कि पिछले दो दिनों से उन्हें कमरे से बाहर निकलते हुए नहीं देखा गया था। होटल स्टाफ को लगा कि शायद वह किसी काम में व्यस्त हैं या सो रहे हैं।
तेज दुर्गंध ने खोला राज
शुक्रवार की रात होटल के कमरे से तेज दुर्गंध आने लगी, जिससे कर्मचारियों को अनहोनी का अंदेशा हुआ। उन्होंने काफी देर तक दरवाजा खटखटाया और आवाजें दीं, लेकिन अंदर से कोई हलचल नहीं हुई। होटल प्रबंधक ने तुरंत इसकी सूचना विश्वविद्यालय थाना पुलिस को दी।
बाथरूम में मिला शव, एफएसएल टीम ने जुटाए सबूत
मौके पर पहुँची पुलिस ने जब कमरे का दरवाजा तोड़ा, तो अंदर का नजारा खौफनाक था। बाथरूम के भीतर संजय प्रसाद अग्रवाल का शव पड़ा हुआ था। पुलिस ने तुरंत एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) की टीम को बुलाया। कमरे और बाथरूम की सघन तलाशी ली गई। साक्ष्य सुरक्षित करने के लिए मौके की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी भी कराई गई है।
पुलिस का क्या है कहना?
विश्वविद्यालय थानाध्यक्ष सुधीर कुमार ने बताया कि शुरुआती जांच में शरीर पर किसी बाहरी चोट के निशान स्पष्ट नहीं हैं, जिससे प्रथम दृष्टया जहरीला पदार्थ खाने से मौत की आशंका जताई जा रही है। थानाध्यक्ष ने कहा, “कमरा अंदर से पूरी तरह बंद था, जिसे पुलिस ने तोड़ा है। हमने परिजनों को सूचित कर दिया है और शव को पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच (DMCH) भेज दिया गया है।”
हत्या या आत्महत्या? पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतज़ार
व्यवसायी की मौत को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। क्या संजय किसी मानसिक तनाव में थे? या फिर इस मौत के पीछे कोई और कारण है? पुलिस होटल के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि यह पता चल सके कि इन तीन दिनों के दौरान उनसे मिलने कौन-कौन आया था।
पुलिस का कहना है कि मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगी। परिजनों के दरभंगा पहुँचने के बाद उनके बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।



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