गया: कपड़ा गोदाम में भीषण आग से हड़कंप, शॉर्ट सर्किट ने मचाई तबाही; बिना सुरक्षा उपकरणों के चल रहा था कारोबार
गया (बिहार): बिहार के गया जिले से एक बड़ी लापरवाही और हादसे की खबर सामने आई है। कोतवाली थाना क्षेत्र के व्यस्ततम एन रोड पर स्थित एक बड़े कपड़ा गोदाम में गुरुवार देर शाम भीषण आग लग गई। इस घटना ने न केवल करोड़ों की संपत्ति को खतरे में डाल दिया, बल्कि शहर के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा मानकों (Fire Safety Norms) की घोर अनदेखी को भी उजागर कर दिया है।
कैसे शुरू हुआ आग का तांडव?
यह घटना कोतवाली क्षेत्र के प्रसिद्ध व्यवसायी लादूलाल ज्ञानचंद जैन के कपड़ा गोदाम में हुई। आग गोदाम की दूसरी मंजिल पर बने एक विशाल हॉलनुमा स्टोर में लगी थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शाम के समय अचानक दूसरी मंजिल से काला धुआं निकलते देखा गया, जिसके बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इस मंजिल पर भारी मात्रा में रेडीमेड कपड़े और इलेक्ट्रॉनिक सामान का स्टॉक रखा हुआ था।
शॉर्ट सर्किट और सुरक्षा में बड़ी चूक
शुरुआती जांच में दमकल विभाग का मानना है कि आग की वजह शॉर्ट सर्किट हो सकती है। गोदाम के अंदर इन्वर्टर, कंप्यूटर सिस्टम, एसी और कई एमसीबी (MCB) बोर्ड लगे थे। फायर ऑफिसर नवीन कुमार सिंह ने बताया कि गोदाम के अंदर बिजली के तारों का जाल और उपकरणों पर अत्यधिक लोड आग का कारण बना होगा।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि इतने बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठान में आग बुझाने का एक भी उपकरण (Fire Extinguisher) मौजूद नहीं था। इतना ही नहीं, यह गोदाम बिना वैध फायर लाइसेंस के संचालित किया जा रहा था।
संकरी सीढ़ियां और घना धुआं: दमकल कर्मियों की अग्निपरीक्षा
सूचना मिलने पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम को राहत कार्य में भारी मशक्कत करनी पड़ी। गोदाम की दूसरी मंजिल तक पहुँचने के लिए केवल संकरी सीढ़ियां थीं, जिससे दमकल की पाइप ले जाना चुनौतीपूर्ण हो गया। अंदर इतना घना धुआं भरा था कि फायर कर्मियों को बीए सेट (Breathing Apparatus) पहनकर अंदर जाना पड़ा।
धुआं बाहर निकालने के लिए टीम को गोदाम की खिड़कियां और लोहे के जंगले तोड़ने पड़े। करीब एक घंटे की कड़ी जद्दोजहद के बाद आग पर काबू पाया जा सका। गनीमत रही कि आग समय रहते बुझा ली गई, अन्यथा घनी आबादी वाला यह इलाका बड़ी त्रासदी का गवाह बन सकता था।
लाखों का नुकसान, मालिक मौन
गोदाम में रखे लाखों रुपये के कपड़े धुएं और पानी की वजह से खराब हो गए हैं। हालांकि, संपत्ति के नुकसान का सटीक आकलन अभी नहीं हो पाया है। घटना के बाद से गोदाम मालिक और उनके परिजन कुछ भी आधिकारिक बयान देने से बच रहे हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है कि आखिर बिना सुरक्षा मानकों के इतने समय से यह गोदाम कैसे चल रहा था।
प्रशासन की चेतावनी
फायर विभाग ने साफ किया है कि इस लापरवाही के लिए संबंधित मालिकों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विभाग अब शहर के अन्य गोदामों की भी जांच करने की योजना बना रहा है ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।



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