बिहार: मुजफ्फरपुर में रफ्तार का कहर, डिवाइडर से टकराई अनियंत्रित बाइक; दो जिगरी दोस्तों की दर्दनाक मौत
मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से एक बेहद हृदयविदारक खबर सामने आई है। यहाँ तेज रफ्तार और अनियंत्रित बाइक का कहर दो होनहार युवकों की जान ले बैठा। शहर के काजी मोहम्मदपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत कलमबाग चौक रोड के पास बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात एक भीषण सड़क हादसा हुआ। इस दुर्घटना में दो जिगरी दोस्तों की मौके पर ही मौत हो गई, जो अपने सुनहरे भविष्य के सपने बुन रहे थे।
कैसे हुआ हादसा?
मिली जानकारी के अनुसार, घटना आधी रात के बाद की बताई जा रही है। विवेक उर्फ राजा (20 वर्ष) और अंशु कुमार (21 वर्ष) एक ही बाइक पर सवार होकर लौट रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती पुलिस जांच के मुताबिक, बाइक की रफ्तार काफी तेज थी। मोतीझील फ्लाईओवर ब्रिज के पास पहुँचते ही बाइक चालक का संतुलन बिगड़ गया और तेज रफ्तार बाइक सीधे ब्रिज के पास लगे डिवाइडर से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और दोनों युवक सड़क पर दूर जा गिरे। सिर में गंभीर चोट लगने और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे थे दोनों दोस्त
इस घटना ने न केवल दो परिवारों को उजाड़ दिया है, बल्कि शिक्षा जगत को भी स्तब्ध कर दिया है। मृतकों की पहचान वैशाली जिले के गोरौल निवासी विवेक उर्फ राजा और मुजफ्फरपुर के खादी भंडार निवासी अंशू कुमार के रूप में हुई है।
विवेक मिठनपुरा के कन्हौली मठ में रहकर पढ़ाई करता था। दोनों ही युवक प्रतियोगी परीक्षाओं (Competitive Exams) की तैयारी कर रहे थे और अपने करियर को लेकर काफी गंभीर थे। विवेक के पिता वीरेंद्र कुमार साह ने बताया कि उन्हें रात करीब 3 बजे पुलिस का फोन आया, जिससे उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। जब वे मौके पर पहुँचे, तो वहां सिर्फ उनके बेटे और उसके दोस्त के शव पड़े थे। दोनों के मोबाइल फोन भी बुरी तरह टूट चुके थे।
पुलिस जांच और सीसीटीवी फुटेज
घटना की सूचना मिलते ही काजी मोहम्मदपुर थाना की पुलिस टीम मौके पर पहुँची। थाना प्रभारी नवलेश कुमार आजाद ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला तेज रफ्तार के कारण अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराने का लग रहा है। हालांकि, पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या किसी अन्य वाहन ने उन्हें टक्कर मारी थी या यह महज एक दुर्घटना थी।
पुलिस ने बताया कि ब्रिज के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों (CCTV Footage) को खंगाला जा रहा है ताकि घटना के सही समय और कारणों का पता चल सके। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SKMCH) भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक कारणों और समय की पुष्टि हो पाएगी।
सड़क सुरक्षा पर उठते सवाल
यह हादसा एक बार फिर युवाओं में बढ़ती रफ्तार की सनक और हेलमेट न पहनने जैसी लापरवाहियों पर सवाल खड़े करता है। रात के सन्नाटे में अक्सर खाली सड़कों पर युवा बाइक की रफ्तार बढ़ा देते हैं, जो जानलेवा साबित होती है। मुजफ्फरपुर के स्थानीय निवासियों का कहना है कि फ्लाईओवर और ब्रिज के आसपास रात के समय पुलिस गश्त और लाइट की व्यवस्था और बेहतर होनी चाहिए ताकि ऐसे हादसों को रोका जा सके।
परिवार में इस वक्त कोहराम मचा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वे इस बात को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं कि जो बच्चे कुछ घंटे पहले तक उनके साथ थे, वे अब इस दुनिया में नहीं हैं।
निष्कर्ष
मुजफ्फरपुर की यह घटना हमें याद दिलाती है कि सड़क पर एक पल की लापरवाही पूरी जिंदगी और पूरे परिवार को तबाह कर सकती है। प्रतियोगी परीक्षाओं के जरिए अपने माता-पिता का नाम रोशन करने का सपना देखने वाले विवेक और अंशु का सफर इतनी जल्दी और इस तरह खत्म होगा, इसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सड़क नियमों का पालन करें और तेज रफ्तार से बचें।



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