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​भागलपुर में सनसनी: टीएनबी कॉलेज के गेस्ट फैकल्टी की संदिग्ध मौत, बंद कमरे में मिला शव, फर्श पर थे उल्टी के निशान

भागलपुर, 22 मार्च 2026: रेशम नगरी भागलपुर के विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र अंतर्गत परवती इलाके में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब टीएनबी कॉलेज के एक गेस्ट फैकल्टी का शव उनके किराए के कमरे में संदिग्ध अवस्था में पाया गया। मृतक की पहचान खरीक थाना क्षेत्र के अंबो गांव निवासी राकेश कुमार के रूप में हुई है। राकेश पिछले तीन वर्षों से भागलपुर में रहकर शैक्षणिक कार्यों और अध्ययन में जुटे हुए थे।

​इस घटना ने न केवल उनके परिवार को झकझोर कर रख दिया है, बल्कि कॉलेज के सहकर्मियों और स्थानीय लोगों के बीच भी कई अनुत्तरित सवाल खड़े कर दिए हैं।

घटना का घटनाक्रम: जब फोन की घंटी बजती रही…

​जानकारी के मुताबिक, राकेश कुमार परवती इलाके में प्रदीप कुमार मंडल के मकान में किराए पर रहते थे। रविवार को जब उनकी सलहज ने उन्हें बार-बार फोन किया और उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया, तो परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई। परिजनों ने तुरंत मकान मालिक को सूचित किया।

​मकान मालिक प्रदीप कुमार मंडल ने बताया कि जब वे कमरे के पास पहुँचे तो दरवाजा अंदर से पूरी तरह बंद था। काफी देर तक दरवाजा खटखटाने और आवाज देने के बावजूद अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। अंततः जब कमरे को खोला गया, तो अंदर का दृश्य देख सबके होश उड़ गए। राकेश कुमार बिस्तर पर मृत पड़े थे।

कमरे के अंदर मिले संदिग्ध साक्ष्य

​घटनास्थल का निरीक्षण करने पर कमरे के फर्श पर उल्टी (Vomit) के निशान पाए गए हैं। कमरे में मौजूद सामान अपनी जगह पर ही थे, लेकिन उल्टी के निशानों ने मौत के पीछे किसी गंभीर बीमारी, फूड पॉइजनिंग या किसी जहरीले पदार्थ के सेवन की आशंका को जन्म दे दिया है। मकान मालिक के अनुसार, राकेश एक शांत स्वभाव के व्यक्ति थे जो अपना अधिकांश समय पढ़ाई-लिखाई में ही बिताते थे।

पुलिस की कार्रवाई और जांच के बिंदु

​सूचना मिलते ही विश्वविद्यालय थाने की पुलिस मौके पर पहुँची और घटनास्थल को सुरक्षित किया। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भागलपुर मेडिकल कॉलेज भेज दिया है।

पुलिस जांच के मुख्य पहलू:

  • पोस्टमार्टम रिपोर्ट: मौत का वास्तविक कारण (हार्ट अटैक, जहर या बीमारी) पोस्टमार्टम के बाद ही स्पष्ट होगा।
  • कॉल डिटेल्स: पुलिस उनके मोबाइल फोन की जांच कर रही है ताकि अंतिम समय में उनकी किससे बात हुई, इसका पता चल सके।
  • स्वास्थ्य इतिहास: क्या राकेश किसी पुरानी बीमारी से जूझ रहे थे, इस पर भी परिवार से जानकारी जुटाई जा रही है।

निष्कर्ष

​एक होनहार शिक्षक की इस तरह अचानक मौत होना शिक्षा जगत के लिए एक बड़ी क्षति है। फिलहाल, पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है ताकि यह साफ हो सके कि यह एक प्राकृतिक मौत है या इसके पीछे कोई गहरी साजिश। भागलपुर पुलिस ने आश्वासन दिया है कि मामले की तह तक जाकर सच्चाई सामने लाई जाएगी।

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