वैशाली में दहेज का दानव: विवाहिता को पेट्रोल छिड़ककर जिंदा जलाया, साक्ष्य मिटाने के लिए गंडक घाट पर अधजला शव छोड़ भागे ससुराल वाले
प्रस्तावना: मानवता को शर्मसार करती घटना
बिहार के वैशाली जिले से एक ऐसी रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है, जिसने दहेज प्रथा के क्रूर चेहरे को एक बार फिर उजागर कर दिया है। लालगंज थाना क्षेत्र में एक 20 वर्षीय विवाहिता की कथित तौर पर ससुराल वालों ने निर्मम हत्या कर दी। आरोप है कि पहले उसे पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने की कोशिश की गई और बाद में जहर का इंजेक्शन देकर उसकी जान ले ली गई। इतना ही नहीं, सबूत मिटाने के लिए शव का जबरन अंतिम संस्कार भी किया जा रहा था, लेकिन पुलिस की तत्परता ने साजिश को बेनकाब कर दिया।
घटना का विवरण: पिरापुर गाँव की सनसनी
यह जघन्य अपराध लालगंज थाना क्षेत्र के पिरापुर गांव में हुआ। मृतका की पहचान खुशबू कुमारी (20 वर्ष) के रूप में हुई है। खुशबू की शादी दो साल पहले पिरापुर निवासी रवि कुमार राय के साथ हुई थी। परिजनों ने बताया कि शादी के शुरुआती दिनों में सब कुछ ठीक था, लेकिन जल्द ही दहेज का दानव उनके सुखी जीवन में घुस गया।
परिजनों का गंभीर आरोप: पेट्रोल से जलाया, जहर से मारा
मृतका के भाई रौशन कुमार और मां गुड़िया देवी ने पुलिस को बताया कि 19 मार्च को खुशबू के साथ दहेज के लिए मारपीट की गई थी। इसी दौरान बाइक से पेट्रोल निकालकर खुशबू पर छिड़का गया और उसे आग लगा दी गई।
परिजनों के आरोपों के मुख्य बिंदु:
- जलाने की कोशिश: 19 मार्च को ससुराल वालों (सास, ससुर, देवर, ननद मनीषा कुमारी) ने पेट्रोल डालकर जलाने का प्रयास किया।
- मनगढ़ंत कहानी और अस्पताल: खुशबू को गंभीर हालत में हाजीपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ ससुराल वालों ने इसे दुर्घटना बताया।
- जहर का इंजेक्शन: आरोप है कि जब मायके वालों पर इलाज के खर्च का दबाव बनाया गया और वे असमर्थ दिखे, तो ससुराल वालों ने साजिश के तहत खुशबू को जहर का इंजेक्शन दिलवाकर उसकी हत्या कर दी।
साक्ष्य मिटाने की कोशिश: अधजला शव छोड़कर फरार
खुशबू की मौत के बाद ससुराल वालों ने रविवार को मायके वालों को सूचना दिए बिना शव का पिरापुर स्थित गंडक नदी घाट पर अंतिम संस्कार शुरू कर दिया। मायके वालों को जब गुप्त सूचना मिली, तो उन्होंने तुरंत पुलिस को खबर दी।
जैसे ही पुलिस मौके पर पहुँची, खुशबू का पति रवि कुमार राय और अन्य आरोपी अधजला शव छोड़कर नदी के रास्ते फरार हो गए। हालांकि, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतका के ससुर को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
सूचना मिलते ही एसडीपीओ गोपाल मंडल और थानाध्यक्ष मनमोहन कुमार पुलिस बल के साथ गंडक घाट पहुँचे। पुलिस ने जलते हुए शव को बुझाया और अधजले अवशेषों को जब्त कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल (FSL) टीम को भी बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए।
एसडीपीओ गोपाल मंडल का बयान:
”विवाहिता को जलाकर मारने और साक्ष्य छिपाने की सूचना पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची है। पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है और एफएसएल की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी। दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
निष्कर्ष: कब खत्म होगा दहेज का दानव?
वैशाली की यह घटना बिहार में दहेज प्रथा के खिलाफ चल रहे अभियानों पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। एक युवा जान, जिसने अभी जीवन का सफर शुरू ही किया था, उसे लालच की बलि चढ़ा दिया गया। पुलिस की सतर्कता ने भले ही ससुर को पकड़ लिया हो, लेकिन मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी और खुशबू के परिवार को न्याय मिलना अभी बाकी है। यह घटना समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है।



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