Samrat Choudhary meets Giriraj Singh: ‘सम्राट चौधरी सीएम बनेंगे’- इस सबसे पुरानी घोषणा वाले मंत्री से दिल्ली में मिले मुख्यमंत्री
Varanasi News Today: बिहार में चल रहे राजनीतिक कयासों पर आखिरकार 14 अप्रैल 2026 की शाम को विराम लग गया, जब यह स्पष्ट हो गया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी राज्य के नए मुख्यमंत्री होंगे। यह घोषणा पिछले एक महीने से लगाए जा रहे अनुमानों पर अंतिम मुहर थी। इस बड़े राजनीतिक बदलाव के बाद, सम्राट चौधरी ने दिल्ली का दौरा किया और एक विशेष व्यक्ति से मुलाकात की, जिन्होंने बहुत पहले ही उनके मुख्यमंत्री बनने की भविष्यवाणी कर दी थी।
15 अप्रैल को मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने वाले सम्राट चौधरी, दिल्ली पहुँचकर केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता गिरिराज सिंह से मिले। यह मुलाकात शिष्टाचार से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण थी, क्योंकि गिरिराज सिंह पहले ऐसे बड़े नेता थे जिन्होंने सार्वजनिक मंच से सम्राट चौधरी में ‘सीएम मटेरियल’ (CM material) देखा था।
वह दिन जब किसी के जुबान पर सम्राट का नाम नहीं था, गिरिराज ने कर दिया था एलान
आज जब सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाल चुके हैं, यह याद करना दिलचस्प है कि केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने बहुत पहले ही इस पल को भांप लिया था। यह वह समय था जब भाजपा के किसी अन्य शीर्ष नेता की जुबान पर मुख्यमंत्री के रूप में सम्राट चौधरी का नाम नहीं आ रहा था। लेकिन गिरिराज सिंह ने खुले तौर पर और डंके की चोट पर यह एलान कर दिया था।
गिरिराज सिंह न केवल 15 अप्रैल को सम्राट चौधरी के भव्य शपथ ग्रहण समारोह में मौजूद थे, बल्कि दिल्ली में उनसे अलग से मिलकर उन्होंने अपनी उस पुरानी घोषणा को सार्थक होते देखा।
गिरिराज सिंह ने क्या कहा था? – बिहार का ‘योगी’
दरअसल, मई 2023 की बेगूसराय रैली ने बिहार भाजपा की भविष्य की राजनीति की नींव रखी थी। उस समय सम्राट चौधरी भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष थे। रैली को संबोधित करते हुए गिरिराज सिंह ने उन्हें सिर्फ एक नेता नहीं, बल्कि बिहार का ‘योगी’ (Yogi like leader) बताया था। उन्होंने बहुत पहले ही, बिहार चुनाव से काफी पहले 2023 में ही, सम्राट चौधरी के बारे में यह बड़ी घोषणा कर दी थी।
गिरिराज सिंह ने बेगूसराय में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा था कि बिहार की जनता राज्य में ‘योगी’ जैसे मजबूत मुख्यमंत्री की मांग कर रही है। उन्होंने आगे जोड़ा, “इसके लिए बिहार की जनता ने ही सम्राट चौधरी को नामित किया है।” गिरिराज सिंह के इस संबोधन पर रैली में मौजूद हजारों कार्यकर्ताओं ने खूब तालियां बजाईं और उनके बयान का पुरजोर समर्थन किया।
मोदी का उदाहरण देकर की थी तुलना
गिरिराज सिंह ने अपनी भविष्यवाणी को पुख्ता करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उदाहरण भी दिया था। उन्होंने कहा था कि जिस तरह वर्ष 2014 में नरेंद्र मोदी पहली बार देश के प्रधानमंत्री बने थे, लेकिन जनता ने उन्हें वर्ष 2012 से ही भारत के प्रधानमंत्री के रूप में कबूल कर लिया था; ठीक वैसी ही छवि और स्वीकार्यता बिहार में सम्राट चौधरी में देखी जा रही है।
दिल्ली में शिष्टाचार मुलाकात के निहितार्थ
मुख्यमंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी की गिरिराज सिंह से दिल्ली जाकर मुलाकात, न केवल शिष्टाचार का हिस्सा है, बल्कि यह भाजपा के भीतर वरिष्ठ नेताओं के प्रति सम्मान और भविष्य की रणनीतियों पर चर्चा का भी संकेत है। सम्राट चौधरी अब एक बड़ी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं और गिरिराज सिंह जैसे अनुभवी नेता का मार्गदर्शन उनके लिए महत्वपूर्ण होगा।
यह मुलाकात इस बात का भी सबूत है कि गिरिराज सिंह की राजनीतिक दूरदर्शिता सही साबित हुई और सम्राट चौधरी अब बिहार में ‘योगी’ जैसे मुख्यमंत्री बनने की उम्मीदों को पूरा करने के लिए तैयार हैं। यह समाचार बिहार की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत का प्रतीक है।



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