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बिहार: JDU विधायक पप्पू पांडेय पर कानूनी शिकंजा, वारंट जारी होते ही पुलिस ने दी दबिश; जानें क्या है पूरा मामला

गोपालगंज, बिहार: बिहार की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में उस वक्त हड़कंप मच गया जब कुचायकोट से सत्तारूढ़ जनता दल यूनाइटेड (JDU) के कद्दावर विधायक अमरेंद्र कुमार पांडेय उर्फ पप्पू पांडेय के खिलाफ कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया। वारंट जारी होने के कुछ ही घंटों के भीतर गोपालगंज पुलिस ने विधायक और उनके सहयोगियों की गिरफ्तारी के लिए ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी है।

अलसुबह पुलिस की बड़ी कार्रवाई

​सोमवार की सुबह होते ही पुलिस अधीक्षक (SP) विनय तिवारी के नेतृत्व में भारी पुलिस बल विधायक के ठिकानों पर पहुँच गया। पुलिस की अलग-अलग टीमों ने विधायक के हथुआ स्थित निजी आवास, तुलसिया गांव के पैतृक घर और उनके पेट्रोल पंप सहित कई संदिग्ध स्थानों पर एक साथ तलाशी ली। अचानक हुई इस कार्रवाई से समर्थक और स्थानीय लोग सख्ते में आ गए। हालांकि, अभी तक की जानकारी के अनुसार विधायक और उनके सहयोगी पुलिस के हाथ नहीं लगे हैं।

क्यों बढ़ा कानूनी संकट?

​यह पूरा मामला भू-माफियाओं को संरक्षण देने और जमीन विवादों में कथित संलिप्तता से जुड़ा है। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि विधायक, उनके भाई सतीश पांडेय और सीए राहुल तिवारी के संरक्षण में कुछ भू-माफिया अवैध जमीन कब्जों और रंगदारी जैसे कामों को अंजाम दे रहे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने तीनों के खिलाफ वारंट जारी किया।

अब तक की कार्रवाई के मुख्य बिंदु:

  • गिरफ्तारी वारंट: विधायक पप्पू पांडेय, भाई सतीश पांडेय और CA राहुल तिवारी के खिलाफ जारी।
  • पुलिस एक्शन: जिले के अंदर और बाहर कई टीमों द्वारा संभावित ठिकानों पर छापेमारी।
  • पूर्व गिरफ्तारियां: इस मामले में पुलिस पहले ही 4 अन्य आरोपियों को जेल भेज चुकी है।
  • आरोप: भू-माफियाओं को राजनीतिक संरक्षण देना और जमीन विवादों में हस्तक्षेप।

राजनीतिक हलचल तेज

​बिहार में एनडीए की सरकार होने के बावजूद सत्ताधारी दल के विधायक पर इस तरह की कड़ी पुलिसिया कार्रवाई ने विपक्षी दलों को हमलावर होने का मौका दे दिया है। वहीं, विधायक के समर्थकों का कहना है कि यह उन्हें राजनीतिक रूप से फंसाने की साजिश है। फिलहाल, विधायक फरार बताए जा रहे हैं और पुलिस का कहना है कि वे बहुत जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर लेंगे।

निष्कर्ष

​पप्पू पांडेय गोपालगंज की राजनीति के एक प्रभावशाली नाम हैं, लेकिन इस बार पुलिस के कड़े रुख ने उनकी मुश्किलें काफी बढ़ा दी हैं। देखना होगा कि आने वाले दिनों में यह मामला क्या मोड़ लेता है और क्या विधायक खुद को सरेंडर करेंगे या पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने में सफल होगी।

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