बिहार में गर्मी के साथ सांपों का तांडव: रोहतास में बच्चे समेत 5 को सांप ने डसा, कोई मरा हुआ तो कोई जिंदा सांप लेकर ही पहुँचा अस्पताल
प्रस्तावना: बढ़ते तापमान के साथ बढ़ता खतरा
जैसे-जैसे गर्मी का पारा चढ़ रहा है, बिहार के ग्रामीण इलाकों में एक नया खतरा मंडराने लगा है। रोहतास जिले में रविवार की शाम सर्पदंश (Snake Bite) की पांच अलग-अलग घटनाओं ने हड़कंप मचा दिया। इन घटनाओं में एक सात वर्षीय मासूम समेत पांच लोग सांप का शिकार हुए हैं। गर्मी बढ़ने के कारण सांप अपने बिलों से बाहर निकल रहे हैं, जिससे आम जनजीवन असुरक्षित महसूस कर रहा है।
रोहतास में एक ही दिन में 5 घटनाएं
रोहतास जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से सर्पदंश की जो खबरें सामने आई हैं, वे चिंताजनक हैं। राहत की बात यह है कि सभी पीड़ितों को समय रहते सदर अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ उनका इलाज जारी है।
घटनाओं का ब्यौरा:
- काराकाट (तेरासी बिगहा): बुजुर्ग दूधनाथ सिंह को सांप ने डंसा। उन्होंने बहादुरी दिखाते हुए सांप को मार दिया और उसे अपने साथ अस्पताल ले गए ताकि डॉक्टर प्रजाति की पहचान कर सकें।
- नोखा (हथिनी गाँव): यहाँ गौतम कुमार नाम के युवक को सांप ने डंसा। वह सांप को मारकर नहीं, बल्कि उसे एक डिब्बे में जिंदा कैद कर डॉक्टर के पास पहुँच गए।
- काराकाट (दहियारी): राकेश रंजन नामक युवक के पैर में सांप ने काट लिया, जिसकी स्थिति अब सामान्य है।
- अकोढीगोला (बुधुआ गाँव): राधिका देवी जब अपने मवेशियों को चारा दे रही थीं, तभी छिपकर बैठे सांप ने उन्हें डस लिया।
- चुटिया (मधुकुपिया गाँव): सबसे दुखद घटना यहाँ हुई जहाँ सात वर्षीय बालक अंकुश पटेल सर्पदंश का शिकार हुआ। फिलहाल बच्चा डॉक्टरों की निगरानी में है।
सांप लेकर अस्पताल पहुँचने का बढ़ा चलन
अक्सर देखा जा रहा है कि सर्पदंश के शिकार लोग अब सांप को साथ लेकर अस्पताल पहुँच रहे हैं। जानकारों का कहना है कि इससे डॉक्टरों को यह समझने में आसानी होती है कि सांप जहरीला था या नहीं और तदनुसार एंटी-स्नेक वेनम (ASV) का डोज तय किया जाता है। हालांकि, विशेषज्ञों ने आगाह किया है कि जिंदा सांप को पकड़ने की कोशिश में जान का जोखिम और बढ़ सकता है।
विशेषज्ञों की राय: क्यों बढ़ रहे हैं मामले?
वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, जब तापमान 35°C से ऊपर जाता है, तो सांपों के बिलों के अंदर की गर्मी बढ़ जाती है। ठंडक की तलाश में सांप बाहर निकलते हैं और अक्सर चूहे या मेंढक के शिकार की तलाश में रिहायशी इलाकों या गोशालाओं में घुस जाते हैं।
स्वास्थ्य विभाग की सलाह और चेतावनी
सदर अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि सभी पांचों मरीज फिलहाल खतरे से बाहर हैं। स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीणों के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
- टॉर्च का प्रयोग: रात के समय घर से बाहर निकलते वक्त या कच्चे रास्तों पर चलते समय हमेशा टॉर्च का इस्तेमाल करें।
- साफ-सफाई: घर के आसपास झाड़ियां न उगने दें और लकड़ियों या कबाड़ के ढेर को हटा दें।
- अंधविश्वास से बचें: सांप काटने पर झाड़-फूंक या ओझा-गुणी के चक्कर में समय बर्बाद न करें। यह जानलेवा हो सकता है।
- तत्काल अस्पताल: सर्पदंश के तुरंत बाद मरीज को स्थिर रखें और बिना देरी किए नजदीकी सरकारी अस्पताल ले जाएं जहाँ एंटी-वेनम उपलब्ध हो।
निष्कर्ष
गर्मी का मौसम अभी शुरू ही हुआ है, ऐसे में सर्पदंश की घटनाओं का ग्राफ और बढ़ सकता है। रोहतास की इन घटनाओं ने प्रशासन को अलर्ट कर दिया है। सरकार को सुनिश्चित करना होगा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) तक पर्याप्त मात्रा में दवाइयां उपलब्ध रहें ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।



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