Bihar News: राजस्व कर्मचारियों के निलंबन और बहाली पर संशय खत्म, जानें जिला समाहर्ताओं की कार्रवाई का पूरा सच
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का स्पष्टीकरण: नियमों के तहत हुई कार्रवाई
पटना। बिहार में पिछले कुछ दिनों से राजस्व कर्मचारियों के निलंबन और फिर उनकी बहाली को लेकर चल रही चर्चाओं पर अब विराम लग गया है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह पूरी प्रक्रिया ‘बिहार राजस्व कर्मचारी संवर्ग नियमावली 2025’ के प्रावधानों के तहत संपन्न हुई है। विभाग के अनुसार, अनुशासनिक कार्रवाई और नियुक्ति का अधिकार जिला समाहर्ताओं (District Collectors) के पास सुरक्षित है।
निलंबन का पूरा घटनाक्रम: क्यों और कैसे हुई कार्रवाई?
विभाग ने तारीखों के साथ स्पष्ट किया है कि कार्रवाई किसी राजनीतिक दबाव में नहीं, बल्कि प्रशासनिक निर्देशों के आलोक में की गई थी:
- 13 अप्रैल 2026: अपर सचिव डॉ. महेंद्र पाल द्वारा एक पत्र जारी किया गया, जिसमें कार्य पर नहीं लौटने वाले कर्मचारियों पर कड़ा रुख अपनाने का निर्देश था।
- 14-15 अप्रैल 2026: इसी पत्र के आधार पर विभिन्न जिलों के समाहर्ताओं ने कुल 224 राजस्व कर्मचारियों को निलंबित कर दिया।
- भ्रम का निवारण: अधिकारियों ने साफ किया कि तत्कालीन उपमुख्यमंत्री एवं राजस्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने सीधे तौर पर किसी निलंबन का आदेश नहीं दिया था। यह कार्रवाई जिला प्रशासन द्वारा नियमावली के तहत ही की गई थी।
बहाली और जनगणना 2027 का कनेक्शन
निलंबन वापसी का निर्णय राज्य में होने वाली आगामी भारत की जनगणना 2027 को ध्यान में रखकर लिया गया है।
- 19 अप्रैल 2026: विभाग ने माना कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में राजस्व कर्मचारियों की भूमिका अपरिहार्य है।
- मार्गदर्शन: अपर सचिव ने सभी जिला समाहर्ताओं को आवश्यक मार्गदर्शन जारी किया, जिसके बाद नियमों के अनुरूप निलंबन वापस लेने की प्रक्रिया शुरू हुई।
- कार्य पर वापसी: 17 अप्रैल को जो कर्मचारी काम पर लौट आए थे, उनके संबंध में भी विभाग ने जिलों को प्रशासनिक कार्यों को सामान्य करने के निर्देश दिए थे।
प्रमुख बिंदु: बिहार राजस्व कर्मचारी संवर्ग नियमावली 2025
इस स्पष्टीकरण के बाद राजस्व कर्मचारियों के अधिकारों और अनुशासनिक ढांचे की तीन मुख्य बातें सामने आई हैं:
- समाहर्ता सर्वोपरि: नियुक्ति और निलंबन का अंतिम अधिकार जिला स्तर पर समाहर्ता को है।
- अनुशासन सर्वोपरि: कार्य बहिष्कार या ड्यूटी से अनुपस्थित रहने पर नियमावली के तहत त्वरित कार्रवाई का प्रावधान है।
- लोकहित में निर्णय: जनगणना जैसे बड़े कार्यों के दौरान प्रशासनिक गतिरोध दूर करने के लिए विभाग लचीला रुख अपना सकता है।



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