रेलवे ट्रैक पर आतंकी नजर! बिहार में IP कैमरा लगा कर्नाटक से ट्रैकिंग; पाकिस्तान कनेक्शन से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
बिहार के वैशाली जिले में सराय स्टेशन के पास रेलवे सुरक्षा में बड़ी सेंध का मामला सामने आया है। यहाँ एक रेलवे सिग्नल टावर पर अवैध रूप से एक अत्याधुनिक इंटरनेट प्रोटोकॉल (IP) कैमरा लगाया गया था, जिसके जरिए रेलवे ट्रैक और सड़क मार्ग की निगरानी की जा रही थी। इस घटना ने तब सनसनी फैला दी जब प्रारंभिक जांच में इस कैमरे के तार पाकिस्तान समर्थित आतंकी नेटवर्क से जुड़े होने के संकेत मिले।
कर्नाटक से हो रही थी ट्रैकिंग, पाकिस्तान कनेक्शन की आशंका
हाजीपुर-मुजफ्फरपुर रेलखंड के समपार फाटक संख्या-43 सी स्पेशल के पास लगे इस सोलर संचालित कैमरे को इंटरनेट के जरिए चलाया जा रहा था। आईपी एड्रेस की तकनीकी जांच में पता चला है कि इस कैमरे को कर्नाटक के तटीय क्षेत्र से एक मोबाइल के जरिए ऑपरेट किया जा रहा था। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इस ट्रैकिंग का लिंक कथित तौर पर पाकिस्तान समर्थित आतंकी नेटवर्क से जुड़ा बताया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान कैमरे में आतंकी यासीन भटकल की तस्वीर भी मिली है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है।
NGO कर्मी बनकर आया था संदिग्ध युवक
इस साजिश का खुलासा तब हुआ जब एक दिन पहले हरियाणवी बोलने वाला एक संदिग्ध युवक समपार फाटक पर पहुंचा। उसने खुद को एक एनजीओ (NGO) का कर्मचारी बताया और सिग्नल टावर पर यह कैमरा फिट करके चला गया। वहां तैनात गुमटीमैन को उसकी हरकतें संदिग्ध लगीं, जिसके बाद उसने स्टेशन मास्टर को सूचना दी।
अंधेरे में भी साफ रिकॉर्डिंग: रेकी की आशंका गहराई
यह IP कैमरा तकनीकी रूप से काफी उन्नत है।
मूवेबल: इसे दूर बैठा व्यक्ति मोबाइल से घुमा सकता था।
4G सिम और रिकॉर्डिंग: इसमें 4G सिम लगा था और पुलिस ने करीब एक घंटे की रिकॉर्डिंग बरामद की है।
नाइट विजन: यह रात के अंधेरे में भी साफ तस्वीर रिकॉर्ड कर रहा था।
जांच एजेंसियों का मानना है कि यह कैमरा किसी वीआईपी मूवमेंट, हत्या या किसी बड़े आतंकी हमले की रेकी के लिए लगाया गया हो सकता है। रेलवे ट्रैक और सड़क मार्ग दोनों की निगरानी करना एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा लग रहा है।
ATS, STF और कई एजेंसियां जांच में जुटीं
मामले की गंभीरता को देखते हुए कई सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं:
प्राथमिकी दर्ज: सराय स्टेशन मास्टर मनोज कुमार के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की गई है।
ATS और STF मौके पर: शुक्रवार देर शाम एटीएस की तीन सदस्यीय टीम और एसटीएफ जांच के लिए मौके पर पहुंची।
गहन जांच: पूर्व मध्य रेलवे के आरपीएफ आईजी अमरेश कुमार और रेल एसपी बीणा कुमारी को पूरे मामले से अवगत कराया गया है। रेल डीएसपी सोनपुर सहकार खान के नेतृत्व में जीआरपी और हाजीपुर थाना की टीमें अलग-अलग बिंदुओं पर जांच कर रही हैं।
निष्कर्ष
रेलवे ट्रैक पर इस तरह के संदिग्ध कैमरे का मिलना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ा अलर्ट है। आतंकवादी संगठनों द्वारा नई तकनीक का उपयोग करके रेकी करने की यह कोशिश बिहार और देश के अन्य हिस्सों के लिए एक गंभीर चुनौती है। अब सबकी नजरें एटीएस और एसटीएफ की जांच पर टिकी हैं कि इस साजिश के पीछे कौन है और कैमरा लगाने वाले युवक तक पुलिस कब तक पहुँच पाती है।



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