Bihar News: वैशाली में खुशियां मातम में बदलीं, गंडक नदी में स्नान के दौरान डूबे 4 किशोर, 1 अब भी लापता
हाजीपुर (वैशाली): बिहार के वैशाली जिले से एक अत्यंत हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहाँ वैशाली थाना क्षेत्र के शिमरा घाट पर गंडक नदी में स्नान करने गए चार किशोर गहरे पानी में डूबने लगे। स्थानीय लोगों की तत्परता से तीन किशोरों को तो सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन एक 17 वर्षीय किशोर नदी की तेज धारा में लापता हो गया। घटना के बाद से ही परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
शादी की खुशियों के बीच पसरा सन्नाटा
मिली जानकारी के अनुसार, लापता किशोर की पहचान चकल्हदाद निवासी अविनाश पासवान के 17 वर्षीय पुत्र अमन कुमार के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि अमन की चचेरी बहन की शादी बीते 5 मई को संपन्न हुई थी। घर में अभी भी मेहमानों का आना-जाना लगा था और उत्सव का माहौल था।
गुरुवार को ‘चौठारी’ की रस्म के लिए परिवार के सदस्य और आसपास के बच्चे सुबह करीब 11 बजे गंडक नदी के शिमरा घाट पर स्नान करने पहुंचे थे। इसी दौरान नहाते समय चार बच्चे अनजाने में गहरे पानी की ओर चले गए और डूबने लगे।
स्थानीय लोगों ने बचाई तीन जानें
बच्चों को डूबता देख नदी किनारे मौजूद स्थानीय लोगों और ग्रामीणों ने शोर मचाया और तुरंत पानी में छलांग लगा दी। ग्रामीणों की बहादुरी और तत्परता के कारण तीन किशोरों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हालांकि, 17 वर्षीय अमन कुमार गहरे पानी में समा गया और देखते ही देखते आंखों से ओझल हो गया।
SDRF और प्रशासन का रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की सूचना मिलते ही वैशाली थाना पुलिस और अंचलाधिकारी (CO) राकेश कुमार दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। पहले स्थानीय गोताखोरों और मछुआरों की मदद से अमन की तलाश की गई, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद प्रशासन ने तत्काल SDRF (State Disaster Response Force) की टीम को बुलाया।
दोपहर करीब 3 बजे से ही SDRF की टीम मोटर बोट और आधुनिक उपकरणों के साथ नदी में सर्च ऑपरेशन चला रही है। 24 घंटे से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी अमन का सुराग नहीं लग पाया है, जिससे परिजनों की उम्मीदें अब टूटती नजर आ रही हैं।
होनहार छात्र था अमन
लापता अमन कुमार के परिजनों ने बताया कि वह एक मेधावी छात्र था और उसने इसी वर्ष इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की थी। घर में उसकी चचेरी बहन की विदाई के बाद खुशियों का माहौल था, जो अब मातम में बदल चुका है। अमन के माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में शोक की लहर है।
नदी तटों पर सुरक्षा की कमी?
शिमरा घाट पर हुई इस घटना ने एक बार फिर नदी के घाटों पर सुरक्षा और चेतावनी बोर्ड की कमी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मानसून से पहले ही नदी के कई हिस्सों में गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता, जो अक्सर हादसों का कारण बनता है।
निष्कर्ष
प्रशासन लगातार अमन की खोजबीन में जुटा हुआ है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और गोताखोरों का दायरा बढ़ा दिया गया है। वैशाली पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे नदी के गहरे पानी में जाने से बचें, खासकर बच्चों और किशोरों पर विशेष नजर रखें।



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