Loading Now

Bihar News : उपेंद्र कुशवाहा का बेटा मंत्री या कोई और? RLM ने कर लिया फैसला, दीपक प्रकाश के लिए रास्ता भी तय

सार

Bihar Cabinet Expansion : राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी- राष्ट्रीय लोक मोर्चा की ओर से सम्राट चौधरी मंत्रिपरिषद् में किसे कुर्सी दी जाएगी, यह तय हो चुका है। इसके साथ ही पूर्व मंत्री दीपक प्रकाश के लिए आगे का रास्ता भी पक्का कर लिया गया है।

bihar cm samrat choudhary cabinet expansion deepak prakash minister other option upendra kushwaha bihar news

उपेंद्र कुशवाहा ने अपनी पार्टी के लिए सबकुछ तय रखा है। – फोटो : amar ujala digitalविज्ञापन

विस्तार

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में जब नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार के नए मंत्रिपरिषद् का गठन हुआ था तो सबसे ज्यादा चर्चा एक शख्स की रही थी- दीपक प्रकाश। राष्ट्रीय लोक मोर्चा के सर्वेसर्वा उपेंद्र कुशवाहा की पत्नी भी चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंची थीं, लेकिन जब मंत्रिपरिषद् के लिए उनकी ओर से एक नाम मांगा गया तो उन्होंने बेटे दीपक प्रकाश को आगे कर दिया। दीपक प्रकाश अपने लिए कुर्ता वगैरह भी नहीं सिलवा सके थे। वह जींस पैंट और हाफ शर्ट में शपथ लेने के कारण भी सुर्खियों में रहे थे। चर्चा इसलिए थी कि वह किसी सदन के सदस्य नहीं थे। विधानसभा चुनाव ताजा-ताजा हुआ था, तो उसका रास्ता किसी के इस्तीफे से ही खुलता। सो, मंत्री बनने के कारण छह महीने के अंदर विधान परिषद् का सदस्य होना जरूरी हो गया। नवंबर से छह महीना बीतता, इससे पहले सरकार बदल गई। अब सवाल उठ रहा है कि नई सरकार में दीपक प्रकाश को जगह मिलेगी या रालोमो किसी और को मंत्री बनाएगा? तो जवाब आ गया है।

उपेंद्र कुशवाहा ने बेटे को लेकर फैसला लिया
मलमास, यानी अधिकमास से पहले बिहार में मंत्रिमंडल का विस्तार होना है। राज्य में भारतीय जनता पार्टी के पहले मुख्यमंत्री के रूप में 15 अप्रैल को सम्राट चौधरी ने शपथ ली तो जनता दल यूनाईटेड कोटे से दो मंत्रियों- बिजेंद्र प्रसाद यादव और विजय कुमार चौधरी को मंत्रिपरिषद् में शामिल किया गया। दोनों को उप मुख्यमंत्री का दर्जा दिया गया। उसके बाद से 17 दिन गुजर चुके हैं, लेकिन मंत्रिमंडल विस्तार की तारीख नहीं आई है। अब सीएम सम्राट चौधरी दिल्ली से लौटेंगे तो तारीख आ जाएगी। असल संकट भाजपा की सूची पर ही चल रहा है, जिसका वह समाधान कर लौटेंगे। जदयू ने बहुत बदलाव की योजना नहीं रखी है।
विज्ञापन

मंत्रिपरिषद् में हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा- सेक्युलर और राष्ट्रीय लोक मोर्चा से एक-एक मंत्री ही होंगे। हम-से कोटे से केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के बेटे संतोष सुमन के नाम पर कोई संशय नहीं है। सवाल रालोमो के एक मंत्री पद को लेकर उठ रहा। कई तरह की अफवाहें उड़ीं, खासकर रालोमो के अस्तित्व को खत्म किए जाने तक की। लेकिन, हकीकत यह है कि उपेंद्र कुशवाहा ने बेटे को ही मंत्री बनाने का फैसला ले लिया है। वह नवंबर से 14 अप्रैल तक बेटे के पंचायती राज मंत्री के रूप में कामकाज और सक्रियता से संतुष्ट हैं। 
विज्ञापन

दीपक प्रकाश के लिए रास्ता भी पहले से तय
नवंबर में जब दीपक प्रकाश को मंत्रिपरिषद् का सदस्य बनाया गया, तभी यह तय हो गया था कि छह महीने के अंदर उन्हें बिहार विधान परिषद् का सदस्य बना दिया जाएगा। मतलब, मई तक। इस बीच अप्रैल में नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया और मंत्रिपरिषद् भंग हो गया। इसके बाद, एक और बड़ा घटनाक्रम यह हुआ कि बिहार विधान परिषद् सदस्य मंगल पांडेय के विधायक बनने के बाद खाली हुई सीट पर भाजपा ने अपने पुराने कार्यकर्ता अरविंद शर्मा को टिकट दे दिया। अगर नीतीश कुमार मंत्रिपरिषद् का विघटन नहीं हुआ होता तो इस परिस्थिति में दीपक प्रकाश का उसी तरह कार्यकाल समाप्त हो जाता, जैसे मुकेश सहनी का हुआ था। लेकिन, अब दीपक प्रकाश मंत्रिपरिषद् में आएंगे तो फिर उनके पास छह महीने का समय होगा। और, राष्ट्रीय लोक मोर्चा प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने जून में खाली होने वाली विधान परिषद् की सीट के लिए भाजपा से बात हो गई है।

Post Comment

You May Have Missed