बिहार: जमुई में सो रहे व्यक्ति की बेरहमी से हत्या, बिस्तर पर मिला लहूलुहान शव; गांव में दहशत
मुख्य हाइलाइट्स:
- घटनास्थल: लगमा गांव, टाउन थाना क्षेत्र, जमुई।
- मृतक: गणेश रावत (55 वर्ष)।
- वारदात: सोमवार देर रात घर के अंदर हत्या।
- पुलिस की कार्रवाई: शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया, मामले की जांच जारी।
जमुई (बिहार)। बिहार के जमुई जिले से एक दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहाँ सोमवार देर रात टाउन थाना क्षेत्र के लगमा गांव में एक 55 वर्षीय व्यक्ति की घर में सोते समय हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान गणेश रावत के रूप में हुई है। सुबह जब परिजनों ने उनका शव बिस्तर पर पड़ा देखा, तो घर में कोहराम मच गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई है।
कैसे हुई घटना?
परिजनों के मुताबिक, गणेश रावत रविवार की रात अपने पुराने घर में खाना खाने के बाद पास ही स्थित अपने नए घर में सोने के लिए चले गए थे। सोमवार सुबह जब उनकी पत्नी सीता देवी उन्हें जगाने के लिए नए घर पहुंचीं, तो उन्होंने देखा कि कमरे का दरवाजा बाहर से बंद था।
जब उन्होंने कुंडी खोलकर अंदर प्रवेश किया, तो उनके होश उड़ गए। गणेश रावत बिस्तर पर मृत पड़े थे और उनके सिर से काफी खून बह चुका था। पत्नी की चीख सुनकर आसपास के ग्रामीण वहां जमा हो गए और तुरंत पुलिस को सूचित किया गया। आशंका जताई जा रही है कि अपराधियों ने रात करीब 12 से 1 बजे के बीच इस वारदात को अंजाम दिया है।
पुरानी रंजिश का शक
मृतक की पत्नी सीता देवी ने पुलिस को बताया कि करीब दो साल पहले गांव के ही कुछ दबंगों, जितेंद्र रावत और धारो रावत के साथ नगर परिषद चुनाव को लेकर विवाद हुआ था। उस वक्त गोलीबारी की घटना भी हुई थी और दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर केस दर्ज कराया था। परिजनों ने संदेह जताया है कि इसी पुरानी रंजिश के चलते इस जघन्य हत्या को अंजाम दिया गया है।
पुलिस की जांच और प्रारंभिक रिपोर्ट
सूचना मिलते ही टाउन थाना पुलिस के साथ सदर एसडीपीओ सतीश सुमन भी घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। शुरुआती जांच में गणेश रावत के सिर पर गंभीर चोट के निशान मिले हैं। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हत्या गोली मारकर की गई है या किसी भारी हथियार से वार करके।
सदर एसडीपीओ सतीश सुमन ने बताया, “शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जमुई सदर अस्पताल भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की सटीक वजह और हथियार की जानकारी मिल पाएगी। हम चुनावी रंजिश और आपसी विवाद समेत सभी पहलुओं पर बारीकी से जांच कर रहे हैं।”
गांव में पसरा सन्नाटा
इस घटना के बाद से ही लगमा गांव में तनाव और दहशत का माहौल है। गणेश रावत की हत्या के बाद उनके परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों का कहना है कि गणेश रावत एक सरल स्वभाव के व्यक्ति थे। गांव में इस तरह की घटना से लोग कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठा रहे हैं।
निष्कर्ष
जमुई में हुई यह वारदात दिखाती है कि पुरानी रंजिशें किस कदर जानलेवा साबित हो सकती हैं। फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है। अब देखना यह है कि पुलिस कब तक अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुँचाती है।



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