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बिहार में बिजली हुई सस्ती: 1 अप्रैल से शहरी उपभोक्ताओं को मिलेगी बड़ी राहत, 125 यूनिट फ्री के बाद भी घटेगा बिल

पटना (बिहार): बिहार के शहरी घरेलू बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। नीतीश सरकार ने राज्य में बिजली की दरों को लेकर एक ऐतिहासिक फैसला लिया है, जिसके तहत अब शहरी क्षेत्रों में भी बिजली की दरें ग्रामीण इलाकों के समान किफायती हो जाएंगी। 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाली इस नई व्यवस्था के बाद उपभोक्ताओं की जेब पर बोझ काफी कम होने वाला है।

क्या है नया स्लैब और कितनी होगी बचत?

​बिहार विद्युत विनियामक आयोग (BERC) ने राज्य के विद्युत टैरिफ में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। नए नियमों के अनुसार, शहरी घरेलू उपभोक्ताओं के लिए अब एक नया स्लैब लागू किया जाएगा।

​सबसे बड़ी राहत उन लोगों के लिए है जो 125 यूनिट मुफ्त बिजली के दायरे से बाहर अधिक बिजली खपत करते हैं। नए स्लैब के अनुसार, शहरी उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट 1.53 रुपये तक की सीधी बचत होगी।

  • 125 यूनिट तक: सरकार की घोषणा के अनुसार यह पहले की तरह मुफ्त रहेगी।
  • 125 यूनिट के बाद: अतिरिक्त यूनिट की खपत पर अब शहरी उपभोक्ताओं को पुराने टैरिफ के बजाय कम दर पर भुगतान करना होगा।

शहर और गांव की बिजली दरें होंगी एक समान

​अब तक बिहार में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बिजली की दरें अलग-अलग थीं, जिससे शहरी उपभोक्ताओं को अधिक बिल चुकाना पड़ता था। सरकार के इस नए फैसले का मुख्य उद्देश्य ‘एक राज्य, एक टैरिफ’ की दिशा में बढ़ना है। 1 अप्रैल से शहरी उपभोक्ताओं को भी वही लाभ मिलेंगे जो ग्रामीण क्षेत्रों के घरेलू उपभोक्ताओं को मिल रहे हैं।

2025 में हुई थी मुफ्त बिजली की शुरुआत

​बता दें कि एनडीए (NDA) सरकार ने साल 2025 में ही घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 125 यूनिट मुफ्त बिजली देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया था। जुलाई 2025 से राज्य के लाखों परिवार इस योजना का लाभ उठा रहे हैं। अब 2026 के नए वित्तीय वर्ष से अतिरिक्त यूनिट पर मिलने वाली यह राहत उपभोक्ताओं के लिए ‘सोने पर सुहागा’ साबित होगी।

उपभोक्ताओं पर क्या पड़ेगा असर? (उदाहरण से समझें)

​मान लीजिए यदि किसी शहरी परिवार की मासिक खपत 200 यूनिट है:

  1. ​पहले 125 यूनिट तो पूरी तरह 0 रुपये (मुफ्त) रहेंगे।
  2. ​शेष 75 यूनिट पर पहले जो ऊंची दर लगती थी, उसमें अब प्रति यूनिट ₹1.53 की कटौती होगी।
  3. ​इस हिसाब से 75 यूनिट पर लगभग 115 रुपये प्रति माह की अतिरिक्त बचत सीधे तौर पर होगी।

विशेषज्ञों की राय और सरकारी पक्ष

​विद्युत विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बिजली वितरण कंपनियों (DISCOMs) की कार्यक्षमता में सुधार और तकनीकी नुकसान (AT&C Loss) में कमी आने के कारण यह लाभ आम जनता तक पहुँचाया जा रहा है। सरकार का मानना है कि इससे न केवल आम आदमी को आर्थिक राहत मिलेगी, बल्कि बिजली चोरी रोकने और समय पर बिल भुगतान करने की प्रवृत्ति को भी बढ़ावा मिलेगा।

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