Bihar Cabinet Meeting: मंत्रिमंडल विस्तार के बाद पहली बैठक में 18 प्रस्तावों पर मुहर, सरकारी कर्मियों का DA बढ़ा; पटना मेट्रो और रोजगार को लेकर बड़े फैसले

भूमिका
बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद आज मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में कैबिनेट की पहली महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। पटना के मुख्य सचिवालय में हुई इस बैठक में राज्य सरकार ने जनता, सरकारी कर्मचारियों और बुनियादी ढांचे के विकास से जुड़े 18 अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी है। इस बैठक का सबसे बड़ा आकर्षण सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) में की गई बढ़ोतरी रही।
सरकारी कर्मचारियों को सौगात: DA में बढ़ोतरी
बिहार सरकार ने राज्य के लाखों सरकारी सेवकों और पेंशनभोगियों को बड़ी खुशखबरी दी है।
7वां वेतनमान: सातवें केंद्रीय पुनरीक्षित वेतन संरचना के तहत वेतन पा रहे कर्मियों का महंगाई भत्ता 58% से बढ़ाकर 60% कर दिया गया है। यह वृद्धि 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जाएगी।
5वां वेतनमान: इसके अंतर्गत आने वाले कर्मियों के लिए DA 474% से बढ़ाकर 483% कर दिया गया है।
सरकार के इस फैसले से राज्य के खजाने पर बोझ बढ़ेगा, लेकिन कर्मचारियों की क्रय शक्ति में सुधार होगा।
पटना मेट्रो के लिए ₹768 करोड़ की मंजूरी
राजधानी पटना के विकास और यातायात को सुगम बनाने के लिए कैबिनेट ने पटना मेट्रो रेल परियोजना को बड़ी वित्तीय मदद दी है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कॉरिडोर-1 और कॉरिडोर-2 के निर्माण हेतु ₹768.12 करोड़ की राशि (राज्य शेयर) को प्रशासनिक स्वीकृति दे दी गई है। इससे मेट्रो कार्य की गति में तेजी आने की उम्मीद है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार: 121 नई एम्बुलेंस
राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग के प्रस्ताव पर मुहर लगी है। चिकित्सा महाविद्यालयों और अस्पतालों में मरीजों को लाने-ले जाने के लिए 121 नई एम्बुलेंस (ALS और BLS) खरीदने हेतु ₹42.50 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है।
उद्योग और रोजगार पर विशेष ध्यान
बिहार में निवेश और औद्योगिक क्लस्टर को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने दूरगामी फैसले लिए हैं:
कलस्टर विकास योजना: “मुख्यमंत्री सूक्ष्म एवं लघु उद्योग कलस्टर विकास योजना” का नाम बदलकर अब “मुख्यमंत्री सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग कलस्टर विकास योजना” (MSME Cluster Scheme) कर दिया गया है।
फतुहा डेयरी प्रोजेक्ट: पटना के फतुहा में ₹97.17 करोड़ के निजी निवेश से ‘पाटलिपुत्रा डेयरी प्रोजेक्ट’ की स्थापना को मंजूरी मिली है। इससे रोजाना हजारों लीटर दूध और मक्खन का उत्पादन होगा और लगभग 170 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।
BIIPP 2025 की अवधि बढ़ी: निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए ‘बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज’ की अवधि 30 जून 2026 तक बढ़ा दी गई है। साथ ही बियाडा (BIADA) द्वारा भूमि आवंटन की अवधि 30 से बढ़ाकर 60 वर्ष कर दी गई है।
सुरक्षा व्यवस्था: 5 जिलों में बनेंगे ग्रामीण SP
कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए गृह विभाग ने एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अपराध की दृष्टि से संवेदनशील माने जाने वाले पूर्वी चंपारण, समस्तीपुर, मधुबनी, वैशाली और सीवान जिलों में पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) यानी ग्रामीण SP के 5 नए पद सृजित किए गए हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में अपराध नियंत्रण और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने में मदद मिलेगी।
नगरपालिका सेवा में नया वेतनमान
नगर विकास एवं आवास विभाग के तहत नगरपालिका योजना सेवा संवर्ग के लिए नई वेतन संरचना को मंजूरी दी गई है। सहायक नगरपालिका योजना पदाधिकारी को लेवल-6 और योजना पदाधिकारी को लेवल-7 का वेतनमान मिलेगा।
निष्कर्ष
सम्राट चौधरी सरकार की यह पहली कैबिनेट बैठक स्पष्ट संकेत देती है कि सरकार का ध्यान विकास (मेट्रो और उद्योग), राहत (DA वृद्धि) और सुरक्षा (नए SP पद) पर केंद्रित है। इन 18 प्रस्तावों के जमीन पर उतरने से बिहार के आर्थिक और प्रशासनिक ढांचे में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद है।
महत्वपूर्ण स्वीकृतियां: एक नजर में (Table)
विभाग मुख्य फैसला स्वीकृत राशि / लाभ
वित्त विभाग महंगाई भत्ते (DA) में वृद्धि 58% से 60% (7वां वेतनमान)
नगर विकास पटना मेट्रो रेल प्रोजेक्ट ₹768.12 करोड़
स्वास्थ्य विभाग 121 नई एम्बुलेंस की खरीद ₹42.50 करोड़
गृह विभाग 5 जिलों में ग्रामीण SP पदों का सृजन बेहतर कानून-व्यवस्था
उद्योग विभाग फतुहा में डेयरी प्लांट की स्थापना ₹97.17 करोड़ निवेश

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