बिहार: मुंगेर में तेज रफ्तार का कहर, पिकअप की टक्कर से बाइक सवार की मौत; तीन मासूमों के सिर से उठा पिता का साया
मुंगेर (बिहार): बिहार के मुंगेर जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार पिकअप ने एक युवक की जिंदगी छीन ली। यह दर्दनाक हादसा बुधवार को बड़हिया थाना क्षेत्र में हुआ। इस दुर्घटना ने न केवल एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया, बल्कि तीन छोटे बच्चों के भविष्य पर भी संकट के बादल ला दिए हैं।
कैसे हुआ हादसा?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बड़हिया प्रखंड मुख्यालय को टाल क्षेत्र से जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर यह भीषण टक्कर हुई। हादसा निमिया तालाब और दरौंक मोड़ के बीच उस समय हुआ जब बाहापर निवासी राजीव कुमार (36 वर्ष) अपनी बाइक से जा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि सामने से आ रही एक पिकअप वैन की रफ्तार इतनी अधिक थी कि चालक उस पर नियंत्रण नहीं रख सका और उसने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि राजीव कुमार अपनी बाइक समेत सड़क किनारे गहरे गड्ढे में जा गिरे। सिर में गंभीर चोट लगने और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। दुर्घटना स्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि पिकअप का अगला हिस्सा भी इस टक्कर में पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि वाहन की गति कितनी घातक रही होगी।
परिवार का इकलौता सहारा थे राजीव
मृतक राजीव कुमार के बारे में बताया जा रहा है कि वे अपने परिवार के मुख्य भरण-पोषण करने वाले सदस्य थे। वे स्थानीय किसानों के यहां काम करते थे और रोज की तरह टाल क्षेत्र से दूध लेकर बड़हिया लौट रहे थे। वे छह भाइयों में पांचवें स्थान पर थे। उनकी मृत्यु की खबर सुनते ही गांव में मातम छा गया।
राजीव अपने पीछे पत्नी और तीन छोटे-छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं। अब इन मासूमों के सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे बाहापर गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
पुलिस की कार्रवाई और स्थानीय आक्रोश
हादसे की सूचना मिलते ही बड़हिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर कागजी कार्रवाई पूरी की और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को जब्त कर लिया है और फरार पिकअप चालक की तलाश शुरू कर दी है।
स्थानीय ग्रामीणों में इस घटना को लेकर काफी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर वाहनों की रफ्तार पर कोई नियंत्रण नहीं है, जिसके कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मृतक के परिवार को उचित मुआवजा देने और क्षेत्र में यातायात नियमों को कड़ाई से लागू करने की मांग की है।
सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
यह घटना एक बार फिर सड़क सुरक्षा की पोल खोलती है। बिहार के ग्रामीण और लिंक रोड्स पर तेज रफ्तार व्यावसायिक वाहन अक्सर काल बनकर दौड़ते हैं।
- ओवरस्पीडिंग: पिकअप और ट्रैक्टर जैसे वाहनों की अनियंत्रित गति हादसों का मुख्य कारण बन रही है।
- हेलमेट की अनदेखी: अक्सर ग्रामीण क्षेत्रों में बाइक सवार सुरक्षा मानकों की अनदेखी करते हैं, जो जानलेवा साबित होता है।
- प्रशासनिक सतर्कता: मुख्य मोड़ों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिस की गश्त और स्पीड ब्रेकर की कमी भी दुर्घटनाओं को दावत देती है।
आज एक और घर का चिराग बुझ गया और तीन मासूम अनाथ हो गए। प्रशासन और समाज, दोनों को इस पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है।



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