बिहार: ‘बुर्का पहनो और मजहब बदलो’, मुजफ्फरपुर में शिक्षिका ने ससुराल वालों पर लगाए गंभीर आरोप
मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक महिला शिक्षिका ने अपने ससुराल पक्ष पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने और प्रताड़ित करने का संगीन आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि उसे न केवल अपनी धार्मिक पहचान बदलने के लिए मजबूर किया जा रहा है, बल्कि बात न मानने पर जान से मारने की धमकी भी दी जा रही है।
क्या है पूरा मामला?
मामला काजी मोहम्मदपुर थाना क्षेत्र का है। पीड़ित महिला, जो पेशे से एक शिक्षिका है और वर्तमान में UPSC (संघ लोक सेवा आयोग) की तैयारी कर रही है, ने पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में बताया कि उसने दूसरे धर्म के युवक से प्रेम विवाह किया था। शादी के कुछ समय बाद से ही ससुराल वालों ने उस पर अपनी धार्मिक परंपराएं थोपना शुरू कर दिया।
शिक्षिका द्वारा लगाए गए गंभीर आरोप
पीड़िता ने अपनी एफआईआर में ससुराल पक्ष के चार सदस्यों—सास, ससुर, देवर और देवरानी को नामजद किया है। शिक्षिका के अनुसार:
धार्मिक पहनावा: उसे जबरन बुर्का पहनने के लिए मजबूर किया जाता है।
खान-पान पर दबाव: पीड़िता का आरोप है कि उसे प्रतिबंधित मांस खाने के लिए विवश किया जाता है।
धर्म परिवर्तन: ससुराल वाले लगातार उस पर अपना मूल धर्म छोड़कर उनका मजहब अपनाने का दबाव बना रहे हैं।
हिंसा और धमकी: विरोध करने पर उसके साथ बेरहमी से मारपीट की जाती है और हत्या की धमकी दी जाती है।
पंचायत के जरिए सामाजिक दबाव
पीड़िता ने यह भी खुलासा किया कि मामला केवल घर की चारदीवारी तक सीमित नहीं रहा। ससुराल पक्ष के लोग कथित तौर पर पंचायत बुलाकर उस पर सामाजिक और मानसिक दबाव बना रहे हैं। वे इस शादी को तभी पूर्ण रूप से स्वीकार करने की शर्त रख रहे हैं, जब वह उनके धर्म की सभी परंपराओं का पालन करना शुरू कर दे।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
इस मामले के सुर्खियों में आने के बाद पुलिस सक्रिय हो गई है। काजी मोहम्मदपुर थाना प्रभारी चंद्रभूषण कुमार सिंह ने बताया कि महिला की लिखित शिकायत के आधार पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है।
थानेदार के अनुसार, “प्रथम दृष्टया यह मामला पारिवारिक विवाद का लग रहा है, लेकिन महिला द्वारा लगाए गए धर्म परिवर्तन और प्रताड़ना के आरोपों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है।”
न्याय की गुहार
शिक्षिका ने प्रशासन से सुरक्षा और न्याय की गुहार लगाई है। उसने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े होने और प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी करने के बावजूद उसे इस तरह की मध्यकालीन प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है, जो समाज के लिए चिंता का विषय है।



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