Bihar Cabinet: समता पार्टी के दौर से नीतीश के साथी, 6 बार के विधायक; जानें कौन हैं करोड़ों की संपत्ति वाले मंत्री दामोदर रावत
जमुई/पटना। बिहार की नई एनडीए सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार में जमुई जिले के झाझा विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले दामोदर रावत ने एक बार फिर कैबिनेट मंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली है। समता पार्टी के दौर से नीतीश कुमार के विश्वसनीय साथी रहे दामोदर रावत की गिनती बिहार के उन दिग्गज नेताओं में होती है, जिनकी अपने क्षेत्र पर पकड़ समय के साथ और भी फौलादी हुई है।
1. समता पार्टी से शुरू हुआ 6 जीतों का सफर
दामोदर रावत का राजनीतिक सफर साल 2000 में शुरू हुआ था, जब उन्होंने पहली बार समता पार्टी के टिकट पर राजद के उम्मीदवार को हराकर विधानसभा में कदम रखा। तब से लेकर 2025 तक, उन्होंने कुल 6 बार झाझा सीट से जीत दर्ज की है।
- हैट्रिक और वापसी: 2005 (फरवरी और अक्टूबर) और 2010 में उन्होंने लगातार जीत की हैट्रिक लगाई। हालांकि, 2015 में उन्हें हार का स्वाद चखना पड़ा, लेकिन 2020 और फिर 2025 के चुनावों में उन्होंने जबरदस्त वापसी कर साबित कर दिया कि वे झाझा की राजनीति के असली ‘सिकंदर’ हैं।
2. प्रशासनिक अनुभव: पहले भी संभाल चुके हैं अहम मंत्रालय
दामोदर रावत केवल एक लोकप्रिय विधायक ही नहीं, बल्कि एक अनुभवी प्रशासक भी हैं। वे बिहार सरकार में पहले भी भवन निर्माण मंत्री और समाज कल्याण मंत्री जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। उनके इसी अनुभव और क्षेत्रीय पकड़ को देखते हुए सम्राट चौधरी सरकार ने उन्हें फिर से मंत्रिमंडल में जगह दी है।
3. करोड़ों की संपत्ति के मालिक हैं रावत
2025 के चुनाव के दौरान दाखिल किए गए शपथ पत्र (Affidavit) के अनुसार, दामोदर रावत की आर्थिक स्थिति काफी मजबूत है:
- कुल संपत्ति: लगभग 6.7 करोड़ रुपये।
- चल-अचल संपत्ति: उनकी चल संपत्ति करीब 1.84 करोड़ और अचल संपत्ति (जमीन-मकान) लगभग 4.85 करोड़ रुपये है।
- आय: वित्तीय वर्ष 2024-25 में उनकी व्यक्तिगत आय करीब 31.5 लाख रुपये दर्ज की गई है, जबकि उनकी पत्नी की आय लगभग 10.7 लाख रुपये रही।
4. जमुई और झाझा में खुशी का माहौल
गांधी मैदान में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह के बाद जमुई जिले में जश्न का माहौल है। समर्थकों का मानना है कि दामोदर रावत के मंत्री बनने से झाझा और आसपास के क्षेत्रों में विकास कार्यों को नई गति मिलेगी। उनकी पहचान एक ऐसे नेता की है जो संकट के समय भी कार्यकर्ताओं के साथ खड़े रहते हैं।
5. नीतीश कुमार के ‘संकटमोचक’
दामोदर रावत को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का बेहद करीबी और भरोसेमंद माना जाता है। समता पार्टी के गठन के समय से ही वे नीतीश कुमार की विचारधारा से जुड़े रहे हैं। यही कारण है कि जब भी जदयू को सीमावर्ती क्षेत्रों में संगठन को मजबूत करने की जरूरत पड़ती है, दामोदर रावत की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है।



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