Bihar News : 2001 में बनी बिहार की लाइफलाइन टूटी; विक्रमशिला सेतु बीच से टूटकर नदी में समाया
सार
Vikramshila Setu Collapse : बिहार में पुल गिरने की घटनाएं कई हो चुकी हैं, लेकिन इस तरह यह पहली बार हुआ है। भागलपुर को शेष बिहार से जोड़ने के कारण लाइफलाइन कहा जाने वाला विक्रमशिला सेतु बीच से टूटकर नदी में समा गया। 25 साल से यह सेतु चल रहा था।

विक्रमशिला सेतु भागलपुर – फोटो : अमर उजालाविज्ञापन
विस्तार
भागलपुर के विक्रमशिला सेतु का 133 नंबर पिलर रविवार की देर रात ध्वस्त होकर गंगा नदी में समा गया, जिसके बाद पुल पर वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई। इस घटना से बिहार की लाइफ लाइन माने जाने वाले इस पुल पर संकट आ गया है। घटना रविवार देर रात की है ।
यह खबर भी पढ़ें-Bihar : नवाज आलम हत्याकांड का आरोपी बेगूसराय से गिरफ्तार, आक्रोशित परिजन कर रहे एनकाउंटर की मांग
विज्ञापन
स्थानीय लोगों का कहना है कि 12:35 बजे पिलर धंसना शुरू हुआ और रात 1:00 बजे पूरी पुल का एक बड़ा हिस्सा भरभराकर गंगा नदी में गिर गया। पिलर में गड़बड़ी की जानकारी मिलते ही सेतु पर तैनात पुलिस कर्मियों ने तुरंत वरीय अधिकारियों को इस बात की सूचना दी। भागलपुर और नवगछिया को जोड़ने वाला विक्रमशिला सेतु के भागलपुर की ओर शुरुआती हिस्से में धंसाव होने के बाद करीब 33 मीटर हिस्सा गंगा नदी में समा गया। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई और यातायात पूरी तरह ठप्प हो गया।
विज्ञापन
यह खबर भी पढ़ें-Bihar News: आज अमित शाह से मिले सम्राट चौधरी, बिहार मंत्रिमंडल की सूची और तारीख पर हुई बात
अंतिम संस्कार के लिए पहुंचे एक युवक गिरधारी कुमार ने आंखों देखी बताया कि हम लोग झारखंड से अंतिम संस्कार करने आए थे। लाश जलाने के बाद पुल के नीचे गंगा स्नान करने पहुंचे तो देखा कि पुल पर से पहले छोटा-छोटा टुकड़ा गिरा। उसके बाद पुल का बड़ा हिस्सा गंगा नदी में समा गया। हम लोग डर कर वापस यहां से भाग निकले। हम लोगों को ऐसा प्रतीत हुआ कि पुल के साथ-साथ गाड़ी भी गंगा में समा गई है, जिसमें कुछ यात्री भी सवार थे। हालांकि घटना के बाद जिलाधिकारी डॉक्टर नवल किशोर चौधरी व वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव भी वहां पहुंचे। वहीं जिलाधिकारी डॉक्टर नवल किशोर चौधरी ने बताया कि पिलर संख्या 133 का एक स्लैब टूट कर गंगा नदी में गिर गया है, जिससे आवागमन पूरी तरह बंद हो गया है।
विक्रमशिला सेतु का उद्घाटन वर्ष 2001 में तत्कालीन मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के द्वारा किया गया था। इस पुल की कुल लंबाई करीब 4.7 किलोमीटर है। यह पुल भागलपुर को कोसी सीमांचल सहित राज्य के कई हिस्सों से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है।
Post Comment