Bihar: बुद्ध पूर्णिमा के मौके पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गया और बोधगया का दौरा कर विष्णुपद और महाबोधि मंदिर में पूजा-अर्चना की तथा विकास कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान कार्यक्रम स्थल पर महिलाओं की कम उपस्थिति चर्चा का विषय बन गई।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के सभा में महिला गैलरी खालीविज्ञापन
विस्तार
बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पहली बार मुख्यमंत्री बनने के बाद गया और बोधगया का दौरा किया। उन्होंने विष्णुपद और महाबोधि मंदिर में पूजा-अर्चना कर धार्मिक स्थलों के विकास कार्यों की समीक्षा की। वहीं, कार्यक्रम स्थल पर महिलाओं की गैलरी खाली दिखने को लेकर राजनीतिक और सामाजिक चर्चाएं भी तेज हो गईं।
शंकराचार्य मठ में राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन
विज्ञापन
बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर शुक्रवार को बोधगया स्थित शंकराचार्य मठ में राष्ट्रीय संगोष्ठी सह सांस्कृतिक संचेतना कार्यक्रम का आयोजन किया गया। “भारतीय परंपरा में धार्मिक समन्वय” विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। मुख्यमंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी का यह पहला गया और बोधगया दौरा था, जिसे लेकर कार्यकर्ताओं और प्रशासन में खासा उत्साह देखा गया।विज्ञापन
विष्णुपद मंदिर में पूजा और कॉरिडोर का निरीक्षण
मुख्यमंत्री सबसे पहले गयाजी के प्रसिद्ध विष्णुपद मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने मंदिर के गर्भगृह में भगवान विष्णु की विधिवत पूजा-अर्चना की और राज्य की सुख-समृद्धि की कामना की। पूजा के बाद उन्होंने विष्णुपद कॉरिडोर परियोजना का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने फल्गु नदी तट स्थित देवघाट सहित आसपास के क्षेत्रों का भी जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान डीएम शशांक शुभंकर समेत कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
बोधगया में महाबोधि मंदिर में पूजा-अर्चना
इसके बाद मुख्यमंत्री सड़क मार्ग से बोधगया पहुंचे। रास्ते में कई स्थानों पर भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने फूल-मालाओं के साथ उनका स्वागत किया। बोधगया पहुंचकर उन्होंने विश्व प्रसिद्ध महाबोधि मंदिर में पूजा-अर्चना की और मंदिर परिसर में कुछ समय बिताया। इसके बाद वे बीटीएमसी कार्यालय पहुंचे, जहां बोधगया कॉरिडोर परियोजना को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अधिकारियों को विकास कार्यों में तेजी लाने और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।
Post Comment