बिहार में भ्रष्टाचार विरोधी कार्रवाई के तहत एसवीयू ने शिक्षा विभाग के जूनियर इंजीनियर को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। जांच में पता चला इंजीनियर एक ठेकेदार से काम के बदले अवैध राशि की मांग कर रहा था।

छापेमारी के दौरान जूनियर इंजीनियर को गिरफ्तार करते विशेष निगरानी इकाईविज्ञापन
विस्तार
बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत विशेष निगरानी इकाई (एसवीयू) ने पूर्णिया में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। गुरुवार को निगरानी की टीम ने शिक्षा विभाग के जूनियर इंजीनियर (जेई) भूषण प्रसाद को दस हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया। यह गिरफ्तारी तब हुई जब इंजीनियर एक ठेकेदार से काम के बदले अवैध राशि की मांग कर रहा था।
ठेकेदार पर रुपये के लिए दबाव बना रहा था आरोपी
इस मामले का सबसे हैरान करने वाला पहलू यह है कि आरोपी जूनियर इंजीनियर भूषण प्रसाद का तबादला 15 अप्रैल को ही कटिहार जिले में हो गया था। स्थानांतरण के बावजूद वह पुराने काम के निपटारे के नाम पर ठेकेदार पर रुपये के लिए दबाव बना रहा था। पीड़ित व्यक्ति ने बताया कि इंजीनियर ने काम के बदले भारी-भरकम राशि की मांग की थी, जिसके बाद उसने थक-हारकर पटना स्थित विशेष निगरानी इकाई को इसकी गुप्त सूचना दी।
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शिकायतकर्ता पहले भी भूषण प्रसाद को बहलाने के लिए पांच और आठ हजार रुपये जैसी छोटी राशियां तीन-चार किस्तों में दे चुका था। लेकिन जब इंजीनियर की मांग बढ़ती गई, तो निगरानी विभाग ने जाल बिछाया। जैसे ही दस रुपये की अगली किस्त दी गई, टीम ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
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आवास व कार्यालय पर एक साथ छापेमारी
गिरफ्तारी के तुरंत बाद विशेष निगरानी इकाई के डीएसपी राज कुमार के नेतृत्व में टीम ने आरोपी के जिला स्कूल रोड स्थित निजी आवास पर धावा बोल दिया। टीम में एसआई अविनाश झा समेत कई अन्य सदस्य शामिल हैं, जो घर के दस्तावेजों और संपत्तियों की बारीकी से जांच कर रहे हैं।
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