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बिहार के खगड़िया जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। गुरुवार सुबह NH-31 पर हुए एक भीषण हादसे ने एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया। गिट्टी से लदा एक अनियंत्रित ट्रक ऑटो पर पलट गया, जिससे उसमें सवार CISF जवान, उनकी पत्नी और ऑटो चालक की मौके पर ही दबकर मौत हो गई।

​1. कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?

​यह घटना महेशखुट थाना क्षेत्र के गौछारी स्थित NH-31 की है। जानकारी के अनुसार, हादसा गुरुवार सुबह करीब 5 बजे हुआ। गिट्टी से ओवरलोडेड एक ट्रक तेज रफ्तार में था और अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे चल रहे ऑटो पर पलट गया। ऑटो पूरी तरह से ट्रक और गिट्टी के नीचे दब गया, जिससे सवारियों को निकलने का मौका तक नहीं मिला।

​2. मृतकों की पहचान: ड्यूटी पर लौट रहे थे जवान

​हादसे की खबर मिलते ही स्थानीय लोग बचाव के लिए दौड़े और पुलिस को सूचना दी। मलबे से निकाले जाने के बाद तीनों को मृत घोषित कर दिया गया। मृतकों की पहचान इस प्रकार हुई है:

  • बिपिन चौरसिया: CISF जवान (निवासी: मालिया गांव, गोगरी)।
  • दीपमाला चौरसिया: जवान की पत्नी।
  • टांकेश मुनि: ऑटो चालक।

​बताया जा रहा है कि बिपिन चौरसिया छुट्टी बिताने घर आए थे। गुरुवार सुबह वह अपनी पत्नी के साथ ड्यूटी पर वापस लौटने के लिए रेलवे स्टेशन जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही काल ने उन्हें घेर लिया।

​3. राहत और बचाव कार्य

​हादसे के बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और NH-31 पर ट्रैफिक बाधित हो गया। महेशखूंट थाना अध्यक्ष मिथिलेश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। ग्रामीणों और क्रेन की मदद से ट्रक को हटाया गया और ऑटो के मलबे में दबे शवों को बाहर निकाला गया। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है।

​4. घायलों की स्थिति और जांच

​इस हादसे में कुछ अन्य लोगों के घायल होने की भी खबर है, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने ट्रक को जब्त कर लिया है और चालक की तलाश की जा रही है। शुरुआती जांच में ट्रक की तेज रफ्तार और अनियंत्रित होना हादसे की मुख्य वजह बताई जा रही है।

​5. एनएच-31 पर बढ़ता खतरा

​NH-31 पर ओवरलोडेड ट्रकों का कहर लगातार जारी है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि सुबह के समय ट्रक चालक काफी तेज गति से वाहन चलाते हैं, जिससे आए दिन ऐसे हादसे होते रहते हैं। CISF जवान और उनकी पत्नी की मौत से पूरे गोगरी इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।

निष्कर्ष

​खगड़िया का यह हादसा हमें सड़क सुरक्षा और ओवरलोडेड वाहनों के खतरों के प्रति सचेत करता है। एक जवान जो देश की सुरक्षा में तैनात था, उसकी और उसके परिवार की ऐसी दुखद मृत्यु समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति है।

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