सिकंदरा नगर पंचायत में घूसखोरी का बड़ा खुलासा; कार्यपालक पदाधिकारी रंगे हाथ गिरफ्तार
Bihar: सिकंदरा नगर पंचायत में घूसखोरी का बड़ा खुलासा; कार्यपालक पदाधिकारी रंगे हाथ गिरफ्तार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जमुई Published by: मुंगेर ब्यूरो Updated Wed, 29 Apr 2026 09:18 AM IST
सार
Bihar: जमुई में निगरानी विभाग की बड़ी कार्रवाई में सिकंदरा नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी संतोष कुमार और स्वच्छता प्रहरी सोनू चौधरी को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। दोनों से पूछताछ जारी है और मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच हो रही है।

निगरानी की कार्रवाई में गिरफ्तार आरोपी – फोटो : अमर उजालाविज्ञापन
विस्तार
जमुई जिले में मंगलवार को निगरानी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा संदेश दिया। सिकंदरा नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी संतोष कुमार को 50 हजार रुपये घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया। इस दौरान उनके साथ स्वच्छता प्रहरी सोनू चौधरी को भी टीम ने दबोच लिया। इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
शिकायतों के बाद बिछाया गया जाल
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जानकारी के अनुसार, निगरानी विभाग को लंबे समय से दोनों के खिलाफ अवैध वसूली की शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों की सत्यता जांचने के लिए विभाग ने गुप्त रूप से जाल बिछाया।विज्ञापन
छापेमारी में रंगे हाथ पकड़े गए आरोपी
योजना के तहत मंगलवार करीब 3 बजे टीम ने छापेमारी की। इसी दौरान दोनों आरोपी कथित रूप से 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़े गए। लेन-देन की पुष्टि होते ही टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों को गिरफ्तार कर लिया और मौके से नकद राशि भी बरामद की।
पूछताछ में नेटवर्क खंगालने की कोशिश
गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को सिकंदरा थाना लाया गया, जहां उनसे गहन पूछताछ की जा रही है। निगरानी विभाग की टीम इस मामले के पीछे मौजूद पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है। यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस अवैध वसूली में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
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पुलिस का बयान और आगे की कार्रवाई
सिकंदरा थानाध्यक्ष विकास कुमार ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और आगे की कानूनी प्रक्रिया निगरानी विभाग द्वारा की जा रही है। उन्होंने कहा कि मामले में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में चर्चा का माहौल है और प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। वहीं, निगरानी विभाग की इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सख्त कदम के रूप में देखा जा रहा है।


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