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​विधानसभा में सम्राट का ‘हुंकार’: बोले- लालू यादव ने RSS के सामने टेके थे घुटने, नीतीश न होते तो कभी नेता नहीं बनते

पटना: बिहार विधानसभा में शुक्रवार का दिन राजनीतिक सरगर्मियों से भरा रहा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने न केवल आसानी से फ्लोर टेस्ट पास किया, बल्कि सदन के भीतर विपक्ष और खासकर लालू परिवार पर चुन-चुनकर हमले बोले। तेजस्वी यादव के तंज का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने लालू प्रसाद यादव के राजनीतिक इतिहास की ऐसी परतें खोलीं, जिसने सदन के भीतर हलचल पैदा कर दी।

“लालू ने RSS दफ्तर जाकर टेके घुटने”

​सदन को संबोधित करते हुए सम्राट चौधरी ने एक बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा, “लालू प्रसाद यादव आज भले ही विचारधारा की बात करें, लेकिन सच यह है कि उन्होंने खुद आरएसएस (RSS) दफ्तर जाकर घुटने टेके थे। जब उन्हें 33 विधायकों का समर्थन मिला, तभी वह मुख्यमंत्री बन पाए।” सम्राट ने आगे कहा कि यदि नीतीश कुमार का साथ और उनकी भूमिका नहीं होती, तो लालू प्रसाद यादव कभी नेता नहीं बन पाते।

विरासत की राजनीति पर तेजस्वी को घेरा

​नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव द्वारा ‘पाठशाला’ को लेकर किए गए कमेंट पर सीएम ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा:

​”पाठशाला किसी की बपौती नहीं है। विरासत के अहंकार से बाहर निकलिए। मुझे बिहार की 14 करोड़ जनता का आशीर्वाद प्राप्त है। मैं किसी की कृपा से नहीं, बल्कि अपने संघर्ष से यहाँ तक पहुँचा हूँ।”

उम्र और डिग्री के विवाद पर दी सफाई

​विपक्ष द्वारा बार-बार उठाए जा रहे उम्र और डिग्री के सवालों पर भी सम्राट चौधरी ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि 1995 में जब वह जेल गए थे, तब वह नाबालिग नहीं थे। “अगर मैं नाबालिग होता तो जेल में कैसे रहता? मैंने कोर्ट में अपनी बात रखी है और चुनावी हलफनामे (Affidavit) में अपनी डिग्री और उम्र से जुड़ी हर जानकारी स्पष्ट कर दी है।”

“लालू के अत्याचार ने मुझे मुख्यमंत्री बनाया”

​मुख्यमंत्री ने अपने पुराने संघर्षों को याद करते हुए कहा कि लालू यादव ने उन पर और उनके परिवार पर बहुत अत्याचार किए। उन्होंने बताया, “लालू यादव ने मुझे जेल भिजवाया, मेरे परिवार के 22 लोग जेल गए। अगर उन्होंने मुझ पर इतने जुल्म नहीं ढाए होते, तो शायद आज मैं बिहार का मुख्यमंत्री नहीं होता। उनके अत्याचार ने ही मुझे लड़ने की शक्ति दी।”

नीतीश कुमार की तारीफ और विकास का संकल्प

​सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विजन की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि जिस तरह पीएम मोदी देश को विकसित बनाना चाहते हैं, वैसे ही नीतीश कुमार बिहार को समृद्ध बनाने के संकल्प के साथ काम कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि एनडीए पूरी तरह एकजुट है और उनका एकमात्र लक्ष्य बिहार का विकास है।

निष्कर्ष

​बिहार की राजनीति में सम्राट चौधरी का यह आक्रामक अंदाज संकेत दे रहा है कि आने वाले समय में एनडीए और महागठबंधन के बीच जुबानी जंग और तेज होगी। जहाँ विपक्ष निजी हमलों को हथियार बना रहा है, वहीं सम्राट चौधरी ने अपने ‘जेल जाने’ और ‘संघर्ष’ को अपनी सबसे बड़ी राजनीतिक पूंजी के रूप में पेश किया है।

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