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​बिहार: शादी की खुशियां मातम में बदलीं; वैशाली में गंगा स्नान के दौरान एक ही परिवार के 5 लोग डूबे, 4 की मौत

Vaishali News: बिहार के वैशाली जिले से एक अत्यंत दुखद समाचार सामने आया है, जहाँ सोनपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत गंगा नदी में नहाने के दौरान एक ही परिवार के पांच सदस्य डूब गए। इस भीषण हादसे में अब तक चार लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि एक अन्य सदस्य अभी भी लापता है, जिसकी तलाश में प्रशासन जुटा हुआ है।

चौठारी की रस्म बन गई काल

​जानकारी के अनुसार, यह परिवार सोनपुर के बैजलपुर जगदंबा स्थान के समीप गंगा नदी में ‘चौठारी’ की रस्म निभाने गया था। घर में हाल ही में शादी संपन्न हुई थी और परंपरा के अनुसार परिवार के सदस्य गंगा स्नान के लिए पहुंचे थे। रस्म के दौरान जैसे ही सदस्य नदी में उतरे, जलस्तर का सही अंदाजा न होने के कारण पांच लोग गहरे पानी में चले गए और देखते ही देखते आंखों से ओझल हो गए।

रेस्क्यू ऑपरेशन और प्रशासन की कार्रवाई

​हादसे के तुरंत बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय गोताखोरों और ग्रामीणों ने तत्काल पानी में छलांग लगाई और दो लोगों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मृत्यु हो चुकी थी। सूचना मिलते ही सोनपुर थाना पुलिस और SDRF (State Disaster Response Force) की टीम मौके पर पहुंची।

​SDRF की टीम ने घंटों की मशक्कत के बाद दो और शवों को नदी से बाहर निकाला। अब तक कुल चार शव बरामद किए जा चुके हैं। लापता पांचवें व्यक्ति की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है। पुलिस ने सभी शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए हाजीपुर सदर अस्पताल भेज दिया है।

मृतकों की पहचान और परिजनों का हाल

​इस हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। मृतकों की पहचान गुड़िया देवी (पति रवि कुमार) और बबिता देवी (पति जनार्दन सिंह) के रूप में हुई है। अन्य मृतकों की पहचान की प्रक्रिया और कागजी कार्रवाई पुलिस द्वारा की जा रही है। शादी वाले घर में जहाँ कुछ घंटों पहले मंगल गीत गाए जा रहे थे, वहां अब केवल परिजनों की चीखें सुनाई दे रही हैं।

नदी किनारे सुरक्षा और जागरूकता की कमी

​यह घटना एक बार फिर नदियों के किनारे सुरक्षा व्यवस्था और जन-जागरूकता की कमी को उजागर करती है। गंगा नदी के कई घाटों पर गहराई का कोई स्पष्ट संकेत नहीं होता, जिससे अनजान लोग या श्रद्धालु अक्सर हादसे का शिकार हो जाते हैं।

विशेषज्ञों और प्रशासन की अपील:

  1. अपरिचित घाटों पर सावधानी: नदी के उन हिस्सों में न नहाएं जहाँ गहराई का अंदाजा न हो।
  2. बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा: सामूहिक स्नान के दौरान बच्चों और महिलाओं का विशेष ध्यान रखें और उन्हें गहरे पानी में न जाने दें।
  3. चेतावनी बोर्ड: प्रशासन को संवेदनशील घाटों पर चेतावनी बोर्ड और बैरिकेडिंग लगानी चाहिए।

निष्कर्ष

​वैशाली का यह हादसा हमें याद दिलाता है कि आस्था और परंपराओं का पालन करते समय सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए। जिला प्रशासन ने पीड़ित परिवार को हर संभव सरकारी सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया है। पूरा बैजलपुर गांव इस समय शोक में डूबा है और लापता सदस्य की सलामती की दुआ कर रहा है, हालांकि समय बीतने के साथ उम्मीदें कम होती जा रही हैं।

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