बिहार में औद्योगिक क्रांति: 10 नई इकाइयों को मिली जमीन, ₹94 करोड़ के निवेश से 2000 युवाओं को मिलेगा रोजगार
बियाडा की बैठक में बड़ा फैसला: मखाना से लेकर मेडिकल डिवाइस तक लगेंगे प्लांट
पटना। बिहार को एक औद्योगिक हब के रूप में विकसित करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (BIADA) की परियोजना स्वीकृति समिति की बैठक में 10 नई औद्योगिक इकाइयों को लगभग 6.09 एकड़ भूमि और तैयार इंडस्ट्रियल शेड आवंटित करने के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है।
इस पहल से न केवल राज्य में भारी निवेश आएगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को भी नई ऊर्जा मिलेगी।
निवेश और रोजगार के आंकड़े
- कुल निवेश: ₹94.16 करोड़ (अनुमानित)
- कुल रोजगार: लगभग 2000 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष काम मिलेगा।
- आवंटित भूमि: 6.09 एकड़।
इन क्षेत्रों में स्थापित होंगी इकाइयां
स्वीकृत परियोजनाओं में विभिन्न प्रकार के उद्योगों को शामिल किया गया है, जो बिहार की ताकत और जरूरतों को दर्शाते हैं:
- खाद्य प्रसंस्करण: मखाना प्रसंस्करण, बेकरी उत्पाद।
- टेक्सटाइल: तैयार वस्त्र (Ready-made garments)।
- हेल्थकेयर: सिरिंज सुई और चिकित्सा उपकरण निर्माण।
- डिजिटल: टी.एस.एस. डिजिटल जैसी इकाइयां।
किन जिलों में होगा विकास?
ये इकाइयां राज्य के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में फैलेगी, जिससे संतुलित क्षेत्रीय विकास सुनिश्चित होगा:
प्रमुख केंद्र: हाजीपुर, मुजफ्फरपुर, बेगूसराय, नवादा, सहरसा, पूर्णिया (मरंगा), लोहट फेज-1, डुमरिया और बरारी।
प्रमुख कंपनियां जो करेंगी निवेश
स्वीकृत प्रस्तावों में एसएपीएल इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड, रुद्र प्रियम फूड्स एंड बेवरेजेस, एरोसन फूड्स प्राइवेट लिमिटेड, और ओरेल फार्मा प्राइवेट लिमिटेड जैसी प्रमुख कंपनियां शामिल हैं।
क्या बोले अधिकारी?
उद्योग विभाग के सचिव सह बियाडा के प्रबंध निदेशक कुंदन कुमार ने कहा कि राज्य सरकार निवेशकों को एक पारदर्शी और समयबद्ध प्रक्रिया के माध्यम से अनुकूल वातावरण प्रदान कर रही है। बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और नीतिगत सहयोग के कारण बिहार अब निवेशकों के लिए एक उभरता हुआ केंद्र बन रहा है।
बियाडा (BIADA) के माध्यम से निवेश के लाभ
- सिंगल विंडो क्लीयरेंस: परियोजनाओं के तेजी से क्रियान्वयन के लिए सुगम प्रक्रिया।
- रेडी-टू-यूज़ शेड: छोटे उद्यमियों के लिए तैयार औद्योगिक बुनियादी ढांचा।
- कनेक्टिविटी: प्रमुख हाईवे और रेल नेटवर्क के पास औद्योगिक क्षेत्रों का चयन।



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