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​किशनगंज: महिला की हत्या का चौंकाने वाला खुलासा, केस दर्ज कराने वाला भैसुर ही निकला कातिल; जमीन के लिए रची थी खौफनाक साजिश

रिश्तों का कत्ल: वादी ही निकला महिला का हत्यारा

पूर्णिया/किशनगंज। बिहार के किशनगंज जिले से रिश्तों को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। अर्राबाड़ी थाना क्षेत्र के बालूबाड़ी गांव में 5 दिन पहले मकई के खेत में मिली महिला की लाश की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। हैरानी की बात यह है कि जिस भैसुर ने पुलिस में हत्या की एफआईआर दर्ज कराई थी, वही अपनी भावज का मुख्य हत्यारा निकला। पुलिस ने मुख्य आरोपी फजले रब्बी और उसके सहयोगी मैनुल हक को गिरफ्तार कर लिया है।

जमीन और रंजिश ने बनाया हैवान

​पुलिस जांच में पता चला कि मृतका सनवरी खातून और उसके भैसुर फजले रब्बी के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था।

  • छेड़खानी और दबाव: आरोपी पहले भी मृतका के साथ बदतमीजी कर चुका था, जिसका पंचायत में समझौता हुआ था। वह सनवरी पर घर बेचकर मुंबई (पति के पास) जाने का दबाव बना रहा था ताकि वह उसकी जमीन पर कब्जा कर मकान बना सके।
  • साजिश का जाल: घटना के दिन आरोपी ने ‘जलावन’ (लकड़ी) इकट्ठा करने के बहाने महिला को मकई के खेत में बुलाया और अपने दोस्त के साथ मिलकर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। मासूम दो वर्षीय बच्ची को चालाकी से महिला की गोतनी के पास छोड़ दिया गया था।

SIT की जांच और 25 लोगों से पूछताछ

​मामला पेचीदा तब हुआ जब वादी (भैसूर) ही बार-बार बयान बदलकर पुलिस को गुमराह करने लगा। एसपी के निर्देश पर गठित विशेष अनुसंधान दल (SIT) ने तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लिया:

  1. गहन पूछताछ: पुलिस ने गांव के 25 से अधिक लोगों से सवाल-जवाब किए।
  2. छापेमारी: 15 संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई।
  3. खुलासा: तकनीकी साक्ष्यों और कड़ाई से पूछताछ के बाद दोनों आरोपियों—फजले रब्बी (55 वर्ष) और मैनुल हक (50 वर्ष)—ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

दुष्कर्म की नहीं हुई पुष्टि

​पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अब तक की जांच और शुरुआती मेडिकल रिपोर्ट में मृतका के साथ दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, पुख्ता सबूतों के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की फाइनल रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

अपराध का घटनाक्रम (Timeline of Incident)

समयघटना
5 दिन पूर्वमकई के खेत में सनवरी खातून का शव मिला।
जांच के दौरानभैसुर फजले रब्बी ने केस दर्ज कराया और पुलिस को गुमराह किया।
SIT टीम गठनपुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर शक की सुई परिवार की ओर मोड़ी।
मंगलवारपुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा।
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