Loading Now

बिहार: भ्रष्ट अधिकारियों पर सम्राट का हंटर, कार्यपालक अभियंता के घर छापेमारी में करोड़ों का सुराग

पटना। बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति को आगे बढ़ाते हुए राज्य सरकार ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कड़े निर्देश के बाद विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने शनिवार को नगर विकास विभाग में तैनात कार्यपालक अभियंता (Executive Engineer) राजीव कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति (DA Case) का मामला दर्ज कर उनके कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की।

1.10 करोड़ की अवैध कमाई का आरोप

​एसवीयू की जांच में प्रारंभिक तौर पर यह सामने आया है कि राजीव कुमार ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए लगभग 1.10 करोड़ रुपये की संपत्ति अवैध रूप से अर्जित की है। यह उनकी वैध आय के स्रोतों से काफी अधिक है। भ्रष्टाचार की शिकायतों की पुष्टि होने के बाद विशेष न्यायाधीश (निगरानी) के आदेश पर छापेमारी की वारंट जारी की गई।

पटना में तीन ठिकानों पर एक साथ छापेमारी

​शनिवार सुबह से ही एसवीयू की अलग-अलग टीमें राजीव कुमार के ठिकानों पर सक्रिय हो गईं। छापेमारी के मुख्य केंद्र निम्नलिखित रहे:

  1. दानापुर: लैंडमार्क गोल्ड अपार्टमेंट स्थित ठिकाना।
  2. सगुना मोड़: सुमित चंद्रम गृह अपार्टमेंट का फ्लैट नंबर B-202।
  3. पंत भवन: कार्यालय परिसर (छठी मंजिल), जहाँ कार्यपालक अभियंता का दफ्तर है।

​छापेमारी के दौरान टीम को कई बैंक खातों के विवरण, जमीन के कागजात और निवेश से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं। अधिकारियों का कहना है कि कागजातों की बारीकी से जांच की जा रही है और संपत्ति का आंकड़ा बढ़ सकता है।

प्रशासनिक महकमे में हड़कंप

​कार्यपालक अभियंता स्तर के अधिकारी पर इस बड़ी कार्रवाई से नगर विकास विभाग समेत पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हाल ही में कार्यभार संभालने के बाद स्पष्ट किया था कि भ्रष्टाचार में लिप्त किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। एसवीयू की यह कार्रवाई उसी कड़ी का हिस्सा मानी जा रही है।

कैसे मिली भ्रष्टाचार की भनक?

​एसवीयू के सूत्रों के अनुसार, राजीव कुमार के खिलाफ लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं। निगरानी विभाग ने गोपनीय तरीके से उनकी संपत्तियों का ब्योरा जुटाया और उनकी आय से तुलना की। जब यह स्पष्ट हो गया कि संपत्ति का बड़ा हिस्सा भ्रष्टाचार के माध्यम से अर्जित किया गया है, तब प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई सुनिश्चित की गई।

आगे क्या?

​फिलहाल तलाशी अभियान जारी है। एसवीयू के अधिकारी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या राजीव कुमार के इस खेल में कुछ और सफेदपोश या बड़े अधिकारी भी शामिल हैं। जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और बैंक लॉकरों को भी खंगाला जाएगा।

Previous post

नीतीश कुमार और सम्राट चौधरी की मुलाकात: बिहार की नई सरकार के बीच ‘तालमेल’ की नई तस्वीर

Next post

गयाजी: 15 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ का शंखनाद, विष्णुपद परिसर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़

Post Comment

You May Have Missed