बेतिया में एलपीजी का ‘अकाल’: होटल उद्योग पर मंडराया संकट, प्रशासन के खिलाफ मालिकों का फूटा गुस्सा
बेतिया (बिहार): पश्चिम चंपारण जिले के मुख्यालय बेतिया में इन दिनों रसोई गैस (LPG) की भारी किल्लत ने व्यापारिक जगत में खलबली मचा दी है। विशेष रूप से होटल और रेस्टोरेंट उद्योग इस संकट की सबसे बड़ी मार झेल रहा है। स्थिति यहाँ तक पहुँच गई है कि शहर के कई प्रतिष्ठित होटल बंद होने के कगार पर हैं, जिससे न केवल मालिकों को भारी नुकसान हो रहा है बल्कि आम जनता के आयोजन भी अधर में लटक गए हैं।
बड़े होटलों पर लटका ताला, कारोबार ठप
शहर का मशहूर जॉली ग्रैंड होटल इस संकट का ताजा उदाहरण बनकर उभरा है। एलपीजी की नियमित आपूर्ति न होने के कारण इस होटल का संचालन करना अब असंभव होता जा रहा है। होटल के मालिक प्रकाश कुमार ने मीडिया से बातचीत में अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि गैस की कमी की वजह से उन्हें अपना प्रतिष्ठान बंद करने जैसा कठोर निर्णय लेना पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि गैस सिलेंडरों के बिना किचन चलाना मुमकिन नहीं है और पिछले कई दिनों से आपूर्ति पूरी तरह ठप पड़ी है।
प्रशासनिक लापरवाही पर उठे सवाल
होटल मालिकों का सबसे ज्यादा गुस्सा जिला प्रशासन और संबंधित विभाग पर है। व्यवसायियों का आरोप है कि:
- गैस की आपूर्ति को लेकर बार-बार गुहार लगाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।
- प्रशासन केवल आश्वासन दे रहा है, जबकि जमीनी स्तर पर सिलेंडरों की उपलब्धता शून्य है।
- व्यवसायियों ने आरोप लगाया कि प्रशासन की उदासीनता के कारण शहर का पूरा व्यापारिक ढांचा चरमरा गया है।
आम जनता और आयोजनों पर सीधा असर
यह केवल एक होटल की कहानी नहीं है, बल्कि इस संकट का असर उन परिवारों पर भी पड़ रहा है जिन्होंने शादियों, जन्मदिनों या अन्य समारोहों के लिए होटल बुक कर रखे थे।
- बुकिंग निरस्त: कई होटलों ने नई बुकिंग लेना बंद कर दिया है और पुरानी बुकिंग्स को रद्द करना पड़ रहा है।
- ग्राहकों में नाराजगी: दूर-दराज से आए पर्यटक और स्थानीय ग्राहक खाने-पीने के लिए भटकने को मजबूर हैं।
- आर्थिक नुकसान: होटल बंद होने से वहाँ काम करने वाले कर्मचारियों के रोजगार पर भी तलवार लटक गई है।
दावे बनाम हकीकत
एक तरफ सरकार और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी दावा कर रहे हैं कि जिले में एलपीजी की आपूर्ति सामान्य है और किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं है। वहीं दूसरी तरफ, बेतिया की सड़कों और होटलों की रसोई में खाली सिलेंडर इन दावों की पोल खोल रहे हैं। यह विरोधाभास प्रशासनिक विफलता की ओर इशारा करता है।
जल्द समाधान की मांग
होटल एसोसिएशन और स्थानीय व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही गैस की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित नहीं की गई, तो वे उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे। बेतिया के व्यापारियों का कहना है कि वे पहले से ही आर्थिक मंदी और अन्य चुनौतियों से जूझ रहे हैं, ऐसे में एलपीजी जैसे बुनियादी संसाधन की कमी उनके कारोबार की कमर तोड़ देगी।
अब सबकी नजरें जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि क्या वे इस संकट का कोई त्वरित समाधान निकाल पाते हैं या शहर के होटलों में ताले लगने का सिलसिला यूँ ही जारी रहेगा।



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