Loading Now

बिहार में मौसम का यू-टर्न: 8 अप्रैल तक बारिश और वज्रपात का ऑरेंज अलर्ट, कैमूर, गया और बांका समेत इन जिलों में ओलावृष्टि की चेतावनी

प्रस्तवाना: गर्मी से राहत या आफत?

​बिहार में चिलचिलाती गर्मी के बीच मौसम ने अचानक करवट ले ली है। राजधानी पटना समेत राज्य के कई हिस्सों में रविवार से चल रही ठंडी हवाओं ने तापमान में गिरावट दर्ज की है। हालांकि, यह बदलाव अपने साथ चेतावनी भी लाया है। मौसम विज्ञान केंद्र, पटना ने आगामी 8 अप्रैल तक राज्य के कई प्रमंडलों में मेघ गर्जन, तेज हवा और वज्रपात (Lightning) का अलर्ट जारी किया है।

इन जिलों में ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी

​सोमवार को मौसम विभाग ने विशेष रूप से दक्षिण और पश्चिम बिहार के जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके तहत निम्नलिखित जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है:

  • कैमूर, रोहतास और औरंगाबाद
  • अरवल, भोजपुर और बक्सर

​इन जिलों में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। इसके अलावा गया, जहानाबाद, नालंदा, नवादा, शेखपुरा, लखीसराय, बांका और भागलपुर में भी वज्रपात के साथ बारिश की चेतावनी दी गई है।

अगले 48 घंटों का पूर्वानुमान (6 से 8 अप्रैल)

​मौसम विभाग के अनुसार, तिरहुत, पटना, मगध, सारण, मुंगेर, दरभंगा, कोसी और पूर्णिया प्रमंडल के जिलों में एक-दो स्थानों पर गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।

  • तापमान में गिरावट: अगले 24 घंटों में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आने के आसार हैं।
  • न्यूनतम तापमान: अगले दो-तीन दिनों में रात के तापमान में भी 2 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे रातें और सुबह सुखद रहेंगी।

पिछले 24 घंटे का हाल: कहां कितनी हुई बारिश?

​पिछले 24 घंटों के दौरान बिहार के कुछ हिस्सों में छिटपुट वर्षा दर्ज की गई है।

  • बांके बाजार: 2.0 मिमी
  • फतुहा: 1.8 मिमी
  • नवादा: 0.6 मिमी
  • सर्वाधिक तापमान: शेखपुरा में सबसे ज्यादा 38.4 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।
  • न्यूनतम तापमान: सहरसा के अगवानपुर में पारा 19.7 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया।

​पटना और सीवान में 50 किमी/घंटा की रफ्तार से चली हवाओं ने लोगों को उमस भरी गर्मी से काफी राहत पहुँचाई है।

सावधानी ही बचाव है: मौसम विभाग की अपील

​खराब मौसम और वज्रपात के खतरे को देखते हुए मौसम वैज्ञानिकों ने आम जनमानस और किसानों के लिए जरूरी गाइडलाइंस जारी की हैं:

  1. बाहर न निकलें: बारिश या बिजली कड़कने के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचें।
  2. पक्के मकान की शरण लें: यदि आप रास्ते में हैं, तो तुरंत किसी मजबूत छत के नीचे रुकें। पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे खड़ा होना जानलेवा हो सकता है।
  3. किसानों के लिए सलाह: कटनी या अन्य कृषि कार्यों में लगे किसान मौसम सामान्य होने तक खेतों में न जाएं।
  4. इलेक्ट्रॉनिक उपकरण: वज्रपात के समय मोबाइल या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के इस्तेमाल से परहेज करें।

निष्कर्ष

​बिहार में 8 अप्रैल तक मौसम का यह उतार-चढ़ाव जारी रहने की उम्मीद है। जहाँ एक ओर यह बारिश किसानों की रबी फसलों (खासकर गेहूं की कटनी) के लिए चिंता का विषय बन सकती है, वहीं आम लोगों के लिए यह तपती गर्मी से एक अस्थायी राहत लेकर आई है। अपडेटेड रहने के लिए स्थानीय समाचारों और मौसम बुलेटिन पर नजर बनाए रखें।

Previous post

वैशाली में दहेज का दानव: विवाहिता को पेट्रोल छिड़ककर जिंदा जलाया, साक्ष्य मिटाने के लिए गंडक घाट पर अधजला शव छोड़ भागे ससुराल वाले

Next post

मुजफ्फरपुर में तांडव: एक के बाद एक फटे कई सिलेंडर, केशोपुर गांव में भीषण आग से 18 घर स्वाहा; लाखों की संपत्ति राख

Post Comment

You May Have Missed