बिहार पॉलिटिक्स: नीतीश कुमार के बाद नितिन नवीन का भी इस्तीफा, अब दिल्ली की राजनीति में दिखेगा ‘बांकीपुर का बेटा’
बिहार की राजनीति में हलचलों का दौर जारी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद अब भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता और बांकीपुर से 5 बार के विधायक नितिन नवीन ने भी विधानसभा की सदस्यता छोड़ दी है। सोमवार को उन्होंने अपना इस्तीफा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी के माध्यम से विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार को सौंपा।
नितिन नवीन अब 10 अप्रैल 2026 को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे। इस इस्तीफे के साथ ही पटना की हॉट सीट मानी जाने वाली बांकीपुर विधानसभा पर अब उपचुनाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है।
बांकीपुर की जनता के नाम भावुक संदेश
विधायकी छोड़ने के बाद नितिन नवीन ने सोशल मीडिया पर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा:
”आज मैं बांकीपुर निर्वाचन क्षेत्र के सदस्य पद से इस्तीफा दे रहा हूँ। पार्टी ने मुझे जो नई भूमिका दी है, उसके माध्यम से भी मैं अपने क्षेत्र और बिहार के विकास के लिए संकल्पित रहूँगा। मैं भले ही अब विधायक नहीं रहा, लेकिन हमेशा आपका बेटा बनकर आपकी सेवा करता रहूँगा।”
पिता की विरासत से संगठन के शीर्ष तक: नितिन नवीन का सफर
नितिन नवीन की राजनीति की कहानी उनके पिता, दिवंगत नवीन सिन्हा की विरासत से जुड़ी है:
- शुरुआत: 2005 में पिता के निधन के बाद महज 26 साल की उम्र में उन्होंने राजनीति में कदम रखा। शुरू में वे अनिच्छुक थे, लेकिन माता मीरा सिन्हा के समझाने पर वे चुनावी मैदान में उतरे।
- अजेय रिकॉर्ड: 2005 के उपचुनाव से शुरू हुआ जीत का सिलसिला 2025 के विधानसभा चुनाव तक लगातार जारी रहा। वे बांकीपुर सीट से लगातार 5 बार विधायक चुने गए।
- संगठन में कद: नितिन नवीन ने केवल बिहार ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा संगठन में अपनी लोहा मनवाया है। वे भाजयुमो के राष्ट्रीय महामंत्री, सिक्किम के प्रभारी और छत्तीसगढ़ के सह-प्रभारी जैसी अहम भूमिकाएं निभा चुके हैं।
’छत्तीसगढ़ का चाणक्य’: जब सबको चौंका दिया
नितिन नवीन के करियर का सबसे सुनहरा पल 2023 का छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव रहा। जब राजनीतिक पंडित कांग्रेस की वापसी की भविष्यवाणी कर रहे थे, तब छत्तीसगढ़ के प्रभारी के रूप में नितिन नवीन की रणनीति ने भाजपा को प्रचंड जीत दिलाई। इसी कार्यकुशलता का इनाम उन्हें पार्टी ने अब राज्यसभा भेजकर और बड़ी जिम्मेदारियां सौंपकर दिया है।
बांकीपुर में अब क्या?
नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद खाली हुई बांकीपुर सीट पर जल्द ही उपचुनाव की घोषणा हो सकती है। चूंकि यह सीट सालों से भाजपा का गढ़ रही है, इसलिए माना जा रहा है कि पार्टी यहाँ से किसी मजबूत चेहरे को ही मैदान में उतारेगी।



Post Comment