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​पटना: तीन लोगों के लिए ‘देवदूत’ बना युवक खुद को नहीं बचा पाया, गंगा की लहरों में समाई वीरता; छठ घाट पर पसरा मातम

पटना (मनेर)। बिहार की राजधानी पटना के मनेर थाना क्षेत्र से एक ऐसी खबर सामने आई है, जो दिल को झकझोर देने वाली है। चैती छठ के पावन अवसर पर जहां हर ओर उत्सव का माहौल था, वहीं ब्रह्मचारी गंगा घाट पर एक युवक की वीरता ने उसे अमर कर दिया, लेकिन उसके परिवार को कभी न भरने वाला जख्म दे दिया। दूसरों की जान बचाने की कोशिश में एक युवक खुद गंगा की तेज धार में बह गया।

वीरता की पराकाष्ठा: मौत के मुंह से खींच लाया तीन जिंदगियां

​बुधवार सुबह मनेर के शेरपुर पश्चिमी पंचायत स्थित ब्रह्मचारी गंगा घाट पर श्रद्धालु उगते सूर्य को ‘उषा अर्घ्य’ देने के लिए भारी संख्या में एकत्र हुए थे। इसी दौरान अर्घ्यदान और स्नान के समय कुंती देवी नाम की महिला और उनके पास मौजूद दो युवक, कल्लू और रूपेश, अचानक अनियंत्रित होकर गहरे पानी में चले गए।

​तीनों को डूबता देख घाट पर अफरा-तफरी मच गई और लोग चिल्लाने लगे। इसी बीच लालबेगवा गांव के रहने वाले बिट्टू कुमार (पुत्र दिलीप ठाकुर) ने अपनी जान की परवाह किए बिना गंगा की उफनती लहरों में छलांग लगा दी। बिट्टू ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए एक-एक कर महिला और दोनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। लेकिन, विडंबना देखिए कि तीनों को मौत के मुंह से बाहर निकालने के बाद बिट्टू खुद थक गया और पानी के तेज बहाव के सामने हार गया। देखते ही देखते वह गहरे पानी में समा गया।

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, SDRF की तलाश जारी

​घटना की सूचना मिलते ही घाट पर मौजूद खुशियां मातम में बदल गईं। बिट्टू अपनी चाची के साथ छठ घाट पर आया था। जैसे ही उसके डूबने की खबर घर पहुंची, परिजनों में कोहराम मच गया। माता-पिता और सगे-संबंधियों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव का हर व्यक्ति बिट्टू की वीरता की चर्चा कर रहा है, लेकिन उसकी कमी को महसूस कर सबकी आंखें नम हैं।

​प्रशासन को सूचना मिलते ही मनेर थाना पुलिस और SDRF (State Disaster Response Force) की टीम मौके पर पहुंची। गोताखोरों की मदद से गंगा नदी में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है, लेकिन कई घंटों की मशक्कत के बाद भी अब तक युवक का कोई सुराग नहीं मिल पाया है।

सुरक्षा इंतजामों पर उठते सवाल

​छठ जैसे बड़े पर्व पर जब हजारों की भीड़ घाटों पर उमड़ती है, तो प्रशासन के सुरक्षा दावों पर अक्सर सवाल उठते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर घाट पर बैरिकेडिंग और गोताखोरों की तैनाती पहले से मुस्तैद होती, तो शायद इस वीर युवक की जान बच सकती थी।

मुख्य बिंदु:

  • घटना स्थल: ब्रह्मचारी गंगा घाट, मनेर, पटना।
  • नायक: बिट्टू कुमार (लालबेगवा निवासी)।
  • बचाई गई जिंदगियां: कुंती देवी, कल्लू और रूपेश।
  • वर्तमान स्थिति: SDRF का सर्च ऑपरेशन जारी, युवक अब भी लापता।

​यह घटना हमें याद दिलाती है कि समाज में आज भी ऐसे निस्वार्थ नायक मौजूद हैं, जो दूसरों के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देने से पीछे नहीं हटते। बिट्टू की इस वीरता को पूरा मनेर सलाम कर रहा है।

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