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उपसभापति का पति ही निकला कार्यपालक का हत्यारा, पुलिस एनकाउंटर में हुआ ढेर

Bihar News: भागलपुर के सुल्तानगंज में नगर परिषद कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण कुमार की हत्या मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में पता चला कि मुख्य आरोपी रामधनी यादव, जो उपसभापति का पति है, वही हत्या का मास्टरमाइंड था। पुलिस कार्रवाई के दौरान आरोपी ने टीम पर फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस ने उसे एनकाउंटर में मार गिराया।

Deputy Chairperson’s husband turns out to be killer of  Executive Officer killed in encounter bhagalpur BiharD

अपनी पत्नी के साथ मृतक अपराधी – फोटो : अमर उजालाविज्ञापन

विस्तार

भागलपुर जिले के सुल्तानगंज में जो हुआ, वह सिर्फ एक हत्या नहीं थी यह सिस्टम के भीतर पल रहे सड़े हुए गठजोड़ का खौफनाक चेहरा था। दिनदहाड़े नगर परिषद कार्यालय में घुसकर कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण कुमार की हत्या और सभापति पर जानलेवा हमला, यह साबित करता है कि अपराधियों के हौसले किस कदर बुलंद हो चुके थे। लेकिन इस कहानी का सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया, जब जांच की परतें खुलीं और आरोपी कोई बाहरी नहीं, बल्कि सत्ता के बेहद करीब का आदमी निकला।

उपसभापति का पति ही बना हत्यारा
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सीसीटीवी फुटेज ने सच्चाई को बेनकाब कर दिया। मुख्य आरोपी रामधनी यादव, जो उपसभापति का पति था, वही इस खूनी खेल का मास्टरमाइंड निकला। यह सिर्फ एक व्यक्ति का अपराध नहीं, बल्कि उस सोच का अपराध है जो कुर्सी के पीछे छुपकर कानून को चुनौती देती है। पत्नी नीलम देवी लोकपास से विधानसभा चुनाव भी लड़ चुकी हैं।विज्ञापन

पुलिस पर फायरिंग, फिर मिला करारा जवाब

जब पुलिस उसे हथियार बरामदगी के लिए ले जा रही थी, तब उसने अपनी असली औकात दिखा दी। अज्ञात अपराधियों के साथ मिलकर पुलिस टीम पर ही गोलियां बरसा दीं। लेकिन इस बार जवाब भी उतना ही सख्त था, बिहार पुलिस ने आत्मरक्षा में कार्रवाई करते हुए उसे ढेर कर दिया। यह एनकाउंटर सिर्फ एक अपराधी का अंत नहीं, बल्कि कानून की ताकत का सीधा संदेश है।

घायल हुए अधिकारी, लेकिन नहीं टूटा हौसला
इस मुठभेड़ में डीएसपी नवीन, इंस्पेक्टर परमेश्वर और इंस्पेक्टर मृत्यंजय घायल हुए यह दर्शाता है कि पुलिस ने अपनी जान जोखिम में डालकर कर्तव्य निभाया। आज वे अस्पताल में हैं, लेकिन उनका साहस उन सभी के लिए जवाब है जो कानून को कमजोर समझते हैं। यह घटना सिर्फ एक केस नहीं है, यह सिस्टम के भीतर घुसे गुनहगारों पर बड़ा सवाल है। जब जनप्रतिनिधियों के घर से ही अपराध की साजिश निकलने लगे, तो आम जनता किस पर भरोसा करे?

पुलिस की कार्रवाई- खौफ नहीं, न्याय का संदेश
इस एनकाउंटर ने साफ कर दिया है कि अपराध चाहे जितना भी मजबूत नेटवर्क क्यों न बना ले, कानून उससे ज्यादा मजबूत है। भागलपुर पुलिस की यह कार्रवाई अपराधियों के लिए चेतावनी है। अब गोली का जवाब कानून देगा और वह भी पूरे दमखम के साथ।

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अब आगे क्या?
एक आरोपी मारा जा चुका है, दूसरा घायल है। लेकिन असली लड़ाई अभी बाकी है- उस पूरे नेटवर्क को उजागर करना, जिसने इस साजिश को जन्म दिया। पुलिस की नजर अब हर उस चेहरे पर है, जो पर्दे के पीछे से खेल खेल रहा था। सुल्तानगंज की यह घटना सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि सिस्टम के अंदर छुपे गद्दारों की पहचान है। और इस बार, कानून ने साफ कर दिया, जो भी इस सीमा को लांघेगा, उसका अंजाम तय है।

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